आज के समय में मेडिकल साइंस तेजी से आगे बढ़ रही है और कई गंभीर बीमारियों का इलाज संभव होता जा रहा है। एचआईवी (एड्स) एक ऐसी बीमारी है जिसे पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन दवाओं से कंट्रोल किया जाता है। ऐसे मरीजों के लिए सबसे बड़ी चिंता तब होती है जब उन्हें कोई दूसरी गंभीर बीमारी, जैसे किडनी फेलियर हो जाए।
पहले एचआईवी पॉजिटिव मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट बहुत मुश्किल माना जाता था, लेकिन अब यह संभव हो गया है। हाल ही में नई दिल्ली के एक अस्पताल में डॉक्टरों ने एक एचआईवी मरीज का सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया है।
Also Read- एयरपोर्ट के प्रार्थना कक्ष में पूजा करने पर घिरीं माधवी लता, वीडियो पर विवाद
यह मरीज पिछले 10 साल से एचआईवी से पीड़ित था और 3 साल से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। उसे लगातार डायलिसिस कराना पड़ रहा था। बेहतर इलाज के लिए वह भारत आया, जहां डॉक्टरों की टीम ने पूरी जांच के बाद ट्रांसप्लांट की योजना बनाई।मरीज की पत्नी ने किडनी डोनेट की। सभी जरूरी टेस्ट जैसे ब्लड ग्रुप और कम्पैटिबिलिटी जांच के बाद सफल सर्जरी की गई।डॉक्टरों के मुताबिक, एचआईवी मरीजों में ट्रांसप्लांट करना चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि इम्यून सिस्टम को संतुलित रखना मुश्किल होता है। लेकिन नई दवाओं और तकनीक की मदद से अब यह सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है।ट्रांसप्लांट के बाद मरीज की हालत में सुधार हुआ है। अब उसे डायलिसिस की जरूरत नहीं है और वह धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।
यह सफलता दिखाती है कि सही इलाज और देखभाल के साथ एचआईवी मरीजों के लिए भी ट्रांसप्लांट एक नई उम्मीद बन सकता है।





