मेरठ में एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष के एक बयान ने सियासी माहौल गरमा दिया है। शौकत अली ने कहा कि अगर उनकी पार्टी को 11 विधायक मिल जाएं, तो एनकाउंटर करने वालों का भी एनकाउंटर किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि पर्याप्त ताकत मिलने पर मुसलमानों के खिलाफ हो रही एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाई जाएगी।
इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। समाजवादी पार्टी के विधायक ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए एआईएमआईएम पर गंभीर सवाल उठाए। ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि बिहार में एआईएमआईएम के पास पहले से ही 6 विधायक हैं, लेकिन वहां उन्होंने कोई ठोस काम नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम एक राजनीतिक पार्टी कम और गिरोह ज्यादा लगती है, जिसका कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि समाज में असली मुद्दे—जैसे मुसलमानों की शिक्षा, रोजगार और युवाओं का यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में सफल होना—इन पर चर्चा होनी चाहिए। केवल जाति और धर्म की राजनीति करने से समाज का विकास नहीं हो सकता।
सपा विधायक ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर ऐसी राजनीति का उद्देश्य क्या है—क्या यह सिर्फ राजनीतिक धंधा है या समाज में समभाव और विकास लाने की कोशिश? इस पूरे मामले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले समय में इस विवाद के और गहराने की संभावना जताई जा रही है।






