पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसे हालातों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 मार्च 2026 की शाम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अहम बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय संकट का भारत पर पड़ रहे प्रभाव और उससे निपटने की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
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सूत्रों के मुताबिक शाम 6:30 बजे होने वाली इस बैठक में उन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे जहां फिलहाल चुनाव आचार संहिता लागू है। ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव के बीच देश के कई हिस्सों से जमाखोरी और कालाबाजारी की खबरें सामने आई हैं, ऐसे में यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी संसद के दोनों सदनों और सर्वदलीय बैठक में भी मौजूदा वैश्विक हालात और सरकार की तैयारियों की जानकारी दे चुके हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संकट से निपटने के लिए तैयार है।प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी राज्यों को मिलकर काम करना होगा, ठीक उसी तरह जैसे कोरोना महामारी के दौरान केंद्र और राज्यों ने मिलकर काम किया था।
ईंधन सप्लाई और कालाबाजारी पर भी फोकस
बैठक में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई को लेकर भी चर्चा हो सकती है। सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोगों से अपील की गई है कि घबराहट में सामान जमा न करें और अफवाहों से बचें। उम्मीद है कि बैठक के बाद जमाखोरों और कालाबाजारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज हो सकती है।
होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों को मिली राहत
इस बीच एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। ईरान ने भारत सहित पांच देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। इसे भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है क्योंकि इससे जरूरी सामान और ईंधन की सप्लाई पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।






