गोरखपुर से बड़ी राजनीतिक खबर: संजय निषाद का विपक्ष पर तीखा हमला
संजय निषाद ने गोरखपुर में विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोलते हुए कई बड़े बयान दिए, उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें राजनीतिक दलों को “दल” नहीं बल्कि “दलाल” समझती थीं, जबकि आज Narendra Modi और Yogi Adityanath सभी वर्गों को साथ लेकर चल रहे हैं।
समाजवादी पार्टी पर निशाना
संजय निषाद ने अखिलेश यादव की पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने सहयोगियों को सम्मान नहीं दिया, जिसका परिणाम यह हुआ कि आज वह सत्ता से बाहर है।
रुक्मणी देवी को बधाई, आरक्षण पर जोर
उन्होंने रुक्मणी देवी को समाजवादी पार्टी महिला प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई दी। साथ ही उम्मीद जताई कि वे समाज के अहम मुद्दों खासकर आरक्षण को लेकर आगे बढ़ेंगी।
फूलन देवी की हत्या पर उठाए सवाल
फूलन देवी का जिक्र करते हुए संजय निषाद ने कहा कि उन्हें “इस्तेमाल” किया गया और उनकी हत्या की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, उन्होंने इस मामले में पहले भी CBI जांच की मांग उठाई थी, उन्होंने यह भी कहा कि निषाद समाज के कई नेताओं जैसे जमुना निषाद और विशंभर की हत्या हो चुकी है, जो चिंता का विषय है।
समाज में बढ़ी जागरूकता
संजय निषाद ने कहा कि पहले निषाद समाज को बहला-फुसलाकर वोट लिया जाता था, लेकिन अब समाज जागरूक हो चुका है और अपने अधिकारों के लिए खड़ा है।
आरक्षण और अधिकारों पर बयान
आरक्षण के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकार को लागू करने में कानूनी प्रक्रिया और समय लगता है, लेकिन सरकार इस दिशा में काम कर रही है।
निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास
उन्होंने निषाद समाज के इतिहास को गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, मुगलों और अंग्रेजों से संघर्ष किया और पौराणिक संदर्भों में भगवान श्रीराम की सहायता की
“अब गोली नहीं, बोली से होगी लड़ाई”
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि अब समाज अपने अधिकारों के लिए हिंसा नहीं बल्कि संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ेगा, गोरखपुर में दिया गया यह बयान न केवल राजनीतिक संदेश देता है, बल्कि निषाद समाज के मुद्दों जैसे आरक्षण, सुरक्षा और सम्मान को भी प्रमुखता से सामने लाता है।






