जब गोरखनाथ मंदिर में जनता दरबार लगा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अंदाज एकदम सख्त नजर आया। सामने फरियादी थे… शिकायतें थीं जमीन कब्जे की, दबंगों की धमकियों की और पुलिस की ढिलाई की… और दूसरी तरफ थे सीएम योगी जो एक-एक शिकायत पर तुरंत एक्शन का आदेश दे रहे थे।करीब 200 लोगों की भीड़ के बीच मुख्यमंत्री ने साफ कह दिया – अगर कोई अपराधी जमानत पर बाहर आकर पीड़ित को धमकाए तो उसकी जमानत रद्द कराने की कार्रवाई तुरंत की जाए। इस सख्त संदेश के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गोरखपुर दौरे के दौरान एक बार फिर एक्शन मोड में नजर आए।
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गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में उन्होंने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को मौके पर ही सख्त निर्देश दिए। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। सबसे ज्यादा शिकायतें जमीन पर अवैध कब्जे, दबंगों की धमकियों और पुलिस द्वारा समय पर कार्रवाई न करने को लेकर आईं।जब कुछ कमजोर वर्ग के लोगों ने बताया कि उन्हें दबंगों द्वारा लगातार डराया और धमकाया जा रहा है तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख और सख्त हो गया।उन्होंने पुलिस अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है और गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में तुरंत FIR दर्ज हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने एक और महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि अगर कोई आरोपी जमानत पर बाहर आने के बाद पीड़ित को परेशान करता है तो पुलिस तुरंत कोर्ट में उसकी जमानत निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू करे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसमें लापरवाही करने वाले अधिकारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा। जनता दर्शन कार्यक्रम में सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं बल्कि मानवीय पहलू भी देखने को मिला। कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए भरोसा दिलाया कि पैसे की कमी की वजह से किसी का इलाज नहीं रुकेगा।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जैसे ही अस्पताल से इलाज का खर्च का अनुमान मिले, तुरंत सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए। गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की शिकायतें सुनीं और सभी प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को भेजते हुए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर पीड़ित को समय पर न्याय मिले और किसी के साथ कोई भेदभाव ना हो।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ का जनता दरबार उनकी प्रशासनिक शैली का अहम हिस्सा बन चुका है जहां वह सीधे जनता से फीडबैक लेते हैं और अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हैं।अब सवाल यह है कि क्या सीएम योगी के इस सख्त संदेश के बाद प्रदेश में दबंगों पर लगाम और कस जाएगी? यह आने वाला वक्त बताएगा।






