उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने विकास कार्यों को तेज करने की बड़ी योजना बनाई है। Yogi Adityanath की सरकार चाहती है कि नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत से ही प्रदेश में विकास परियोजनाएं तेजी से जमीन पर उतरें। इसी कारण 1 अप्रैल 2026 से ही बजट से जुड़े काम शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
इस साल का बजट करीब 2.52 लाख करोड़ रुपये का है, जिसे मौजूदा सरकार का आखिरी पूर्ण बजट माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि अगले साल यानी 2027-28 का बजट चुनावों के कारण सीमित होगा और उसमें सिर्फ जरूरी खर्चों को ही शामिल किया जाएगा। नई सरकार बनने के बाद ही पूरा बजट पेश किया जाएगा।यही वजह है कि सरकार इस बार ज्यादा से ज्यादा काम अभी शुरू करना चाहती है, ताकि चुनाव से पहले उनका असर जनता तक पहुंच सके। सरकार का साफ लक्ष्य है कि विकास योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका काम समय पर शुरू होकर पूरा भी हो।
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इस बजट में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे अहम क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में सुधार से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बेहतर होगी। खासकर गांवों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर सेवाएं मिल सकें।
इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए भी बड़े स्तर पर निवेश की योजना है। इसमें नई सड़कों का निर्माण, पुरानी सड़कों की मरम्मत, बिजली व्यवस्था में सुधार और शहरों के विकास से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके अलावा, ऊर्जा और शहरी विकास के लिए भी बजट में अच्छी-खासी राशि रखी गई है।
सरकार की इस रणनीति का एक मकसद यह भी है कि चुनाव से पहले जनता को यह दिखाया जा सके कि सरकार ने विकास के क्षेत्र में क्या काम किए हैं। यानी यह सिर्फ योजनाएं घोषित करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने पर खास ध्यान दिया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस बार प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स को पहले शुरू किया जाएगा और उनकी मॉनिटरिंग भी सख्ती से की जाएगी। कोशिश होगी कि तय समय के भीतर काम पूरा हो, ताकि लोगों को जल्दी फायदा मिल सके।
कुल मिलाकर, यह बजट उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार चाहती है कि चुनाव से पहले अधिक से अधिक परियोजनाएं शुरू हों और उनका फायदा सीधे जनता तक पहुंचे। इससे न सिर्फ विकास को गति मिलेगी, बल्कि लोगों का भरोसा भी मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।






