बागपत में दर्दनाक हादसा: खुले सेफ्टी टैंक में गिरने से 10 साल के बच्चे की मौत
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत कस्बे में नगरपालिका की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली, निर्माणाधीन बारात घर में खुले पड़े सेफ्टी टैंक में गिरने से 10 साल के बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है।
कैसे हुआ हादसा?
यह घटना बड़ौत नगर के बड़का रोड स्थित एक निर्माणाधीन बारात घर के पास हुई, जानकारी के अनुसार, इरशाद नाम का 10 वर्षीय बच्चा रोज की तरह अपने दोस्तों के साथ वहां खेलने गया था, खेलते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह पानी से भरे गहरे सेफ्टी टैंक में जा गिरा।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि करीब दो घंटे तक किसी को इस घटना की जानकारी नहीं मिली, बाद में जब लोगों ने टैंक में बच्चे का शव तैरता देखा, तो इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इरशाद के पिता शमशाद मूल रूप से बिलौचपुर के रहने वाले हैं और बड़ौत में किराए के मकान में परिवार के साथ रहते हैं, मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले शमशाद के लिए यह हादसा किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। इरशाद दो भाइयों में बड़ा था।
लापरवाही बनी मौत की वजह
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस बारात घर का निर्माण हो रहा था, वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे।
- सेफ्टी टैंक और शौचालय के गहरे गड्ढे लंबे समय से खुले पड़े थे
- न तो उन पर ढक्कन लगाया गया था
- न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था
इस लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली।
लोगों में आक्रोश
घटना के बाद गुस्साए लोगों ने मौके पर जमकर हंगामा किया और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की हालांकि, नगर पालिका प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
परिजनों का दर्द
इरशाद के रिश्तेदार आकिल ने बताया “वह खेलते-खेलते टैंक में गिर गया, हम उसे काफी देर तक ढूंढते रहे, लेकिन कहीं नहीं मिला, बाद में एक व्यक्ति ने उसे टैंक में देखा। जब तक हम उसे निकाल पाए, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।”
निष्कर्ष
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर लापरवाही का परिणाम है, निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों का अभाव आम लोगों, खासकर बच्चों के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है,अब जरूरत है सख्त नियमों और उनकी सख्ती से पालना सुनिश्चित करने की, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।






