उत्तर प्रदेश के Deoria में हाल ही में नकली नोट चलाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी विवेक यादव समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 1 लाख 18 हजार रुपये के नकली नोट, लैपटॉप और प्रिंटर जैसे उपकरण भी बरामद हुए हैं। इस घटना के सामने आने के बाद अब यह मामला राजनीतिक विवाद बन गया है।
सबसे पहले Samajwadi Party की मीडिया सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों में Shalabh Mani Tripathi कुछ युवकों के साथ नजर आ रहे हैं। सपा ने दावा किया कि ये वही लोग हैं जिन्हें अब नकली नोट मामले में आरोपी बताया जा रहा है। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या इन लोगों का संबंध भाजपा विधायक से है और क्या उनसे भी पूछताछ होगी।इस विवाद में Akhilesh Yadav भी कूद पड़े। उन्होंने इन तस्वीरों को शेयर करते हुए भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि नकली नोट का मामला गंभीर है, ऐसे में जिन लोगों के सबूत सामने आए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
Also Read- सोलर इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश की बड़ी छलांग, 2025-26 में रिकॉर्ड 3.47 लाख संयंत्र स्थापित
इसके जवाब में Shalabh Mani Tripathi ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें मुख्य आरोपी विवेक यादव खुद को समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता बता रहा है। वीडियो में वह यह भी कहता है कि वह जिला पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था और उसे इस मामले में फंसाया जा रहा है।शलभमणि त्रिपाठी ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उनसे हर तरह के लोग मिलते हैं, चाहे वह किसी भी पार्टी से हों। उन्होंने कहा कि किसी के साथ फोटो खिंचवा लेने का मतलब यह नहीं है कि उसका अपराध से कोई संबंध है।
उन्होंने सपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उनके साथ फोटो खिंचवाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath की सरकार है और इस मामले की पूरी जांच होगी, जिसमें सच्चाई सामने आ जाएगी।
इसके अलावा, त्रिपाठी ने विवेक यादव की कुछ और तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें वह सपा नेताओं के साथ नजर आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि यह तस्वीरें खुद बताती हैं कि आरोपी का किस पार्टी से जुड़ाव है।
पूरे मामले में दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। एक तरफ सपा भाजपा पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा सपा को कटघरे में खड़ा कर रही है।
कुल मिलाकर, देवरिया का यह नकली नोट मामला अब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है कि असल सच्चाई क्या है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।






