उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का एक और बड़ा एक्शन सियासी और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। जहां एक तरफ अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई पहले ही सुर्खियों में रही है, वहीं अब 558 मदरसों पर जांच के आदेश ने हलचल मचा दी है। खास बात यह है कि यह शिकायत किसी बाहरी संगठन ने नहीं बल्कि मुस्लिम समाज के ही पसमांदा वर्ग ने की है, जिससे मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
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बताया जा रहा है कि इन मदरसों पर मिड-डे मील योजना के तहत फर्जी छात्रों के नाम दिखाकर सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इसी शिकायत के आधार पर योगी सरकार ने जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के दायरे में आए मदरसों में देवरिया के 17 मदरसे भी शामिल बताए जा रहे हैं। सरकार का साफ कहना है कि अगर जांच में किसी भी तरह की गड़बड़ी या घोटाला सामने आता है तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो संबंधित मदरसों को बंद भी किया जा सकता है। वहीं राजनीतिक गलियारों में इसे योगी सरकार की सख्त प्रशासनिक नीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि कुछ लोग इसे कानून व्यवस्था और पारदर्शिता की कार्रवाई बता रहे हैं। अब सबकी नजर इस जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो तय करेगी कि यह कार्रवाई सिर्फ जांच तक सीमित रहेगी या फिर बड़ा प्रशासनिक कदम देखने को मिलेगा।






