उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया नाम तेजी से चर्चा में आ रहा है। यह नाम है बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह का। इन दिनों राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या शालिनी सिंह जल्द ही सक्रिय राजनीति में कदम रखने वाली हैं।
कवयित्री से राजनीति तक का सफर?
शालिनी सिंह की पहचान अब तक एक कवयित्री और लेखिका के रूप में रही है। लेकिन हाल के दिनों में उनका नाम राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। चर्चाएं हैं कि वह साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा सकती हैं।
कहा जा रहा है कि शालिनी सिंह नोएडा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अटकलों का दौर लगातार जारी है।
खुद शालिनी ने क्या कहा?
जब इस बारे में शालिनी सिंह से सवाल किया गया, तो उन्होंने पूरी तरह से इन खबरों की पुष्टि नहीं की। उन्होंने कहा कि अभी यह तय नहीं है कि वह राजनीति में आएंगी या नहीं। लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर सही समय और हालात बने, तो वह इस दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं।उनके इस बयान से इतना जरूर साफ है कि उन्होंने राजनीति के दरवाजे बंद नहीं किए हैं। यानी भविष्य में उनके राजनीति में आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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अखिलेश यादव और यादव परिवार पर क्या बोलीं?
इस बातचीत के दौरान शालिनी सिंह से अखिलेश यादव और यादव परिवार को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि उनकी कभी अखिलेश यादव से मुलाकात नहीं हुई है।हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह हमेशा मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के बारे में अच्छी बातें करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता अखिलेश यादव को काफी पसंद करते हैं।शालिनी के अनुसार, यह रिश्ता सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि कुश्ती की परंपरा और आपसी सम्मान से भी जुड़ा हुआ है।
क्या 2027 में उतरेंगी मैदान में?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शालिनी सिंह 2027 के चुनाव में मैदान में उतरेंगी या नहीं। फिलहाल इस पर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। खुद शालिनी ने भी इस मुद्दे पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया है।
लेकिन जिस तरह से उनका नाम चर्चा में है और उन्होंने राजनीति को लेकर दरवाजा खुला रखा है, उससे यह जरूर कहा जा सकता है कि आने वाले समय में वह एक बड़ा फैसला ले सकती हैं।
निष्कर्ष
फिलहाल शालिनी सिंह की राजनीतिक एंट्री को लेकर सिर्फ अटकलें ही लगाई जा रही हैं। लेकिन अगर वह चुनाव लड़ने का फैसला करती हैं, तो यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ साबित हो सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में शालिनी सिंह क्या फैसला लेती हैं।






