ग्रेटर नोएडा में बनेगा हाईटेक ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’, कैबिनेट से मिली मंजूरी
योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया, सरकार ने ग्रेटर नोएडा में निजी क्षेत्र के तहत ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ की स्थापना को मंजूरी दे दी है, यह निर्णय राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
ग्रेटर नोएडा पहले से ही शिक्षा और तकनीकी संस्थानों का प्रमुख केंद्र बन चुका है, ऐसे में मेट्रो विश्वविद्यालय की स्थापना से छात्रों को आधुनिक सुविधाओं वाला कैंपस मिलेगा, उच्च शिक्षा के नए अवसर पैदा होंगे, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पढ़ाई का माहौल विकसित होगा
कानून के तहत होगी स्थापना
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि यह फैसला उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत लिया गया है, इस अधिनियम में विश्वविद्यालय की स्थापना, संचालन और विनियमन, गुणवत्ता नियंत्रण जैसे सभी पहलुओं को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है, सरकार ने आश्वासन दिया है कि विश्वविद्यालय स्थापना के दौरान सभी मानकों का सख्ती से पालन होगा।
छात्रों को मिलेंगे बेहतर विकल्प
प्रस्तावित मेट्रो विश्वविद्यालय में विभिन्न विषयों में डिग्री और डिप्लोमा कोर्स, रिसर्च प्रोग्राम्स, इंडस्ट्री-ओरिएंटेड ट्रेनिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, इससे स्थानीय छात्रों के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक विकल्प मिलेंगे।
युवाओं के लिए नए अवसर
यह परियोजना युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए रास्ते खोलेगी। सरकार का लक्ष्य निजी क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देना, युवाओं को बेहतर करियर विकल्प देना, राज्य को शिक्षा हब के रूप में विकसित करना है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा कैंपस
मेट्रो विश्वविद्यालय का कैंपस अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा, जिसमें शामिल हैं स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, अत्याधुनिक लैबोरेटरी, रिसर्च और इनोवेशन सेंटर
शिक्षा हब बनने की दिशा में बड़ा कदम
यह फैसला उत्तर प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल है, मेट्रो विश्वविद्यालय न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा भी उपलब्ध कराएगा।






