उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शिक्षामित्रों के मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने चुनावी दबाव में शिक्षामित्रों का मानदेय केवल 1000 रुपये बढ़ाकर 18 हजार किया है, जबकि उनकी सरकार के दौरान उन्हें करीब 40 हजार रुपये तक मिलते थे। अखिलेश यादव ने शिक्षामित्रों से अपील करते हुए कहा कि वे आगामी चुनाव में बीजेपी के खिलाफ मतदान कर अपनी ताकत दिखाएं। उन्होंने कहा कि हर विधानसभा में शिक्षामित्र और उनके परिवार मिलकर कम से कम 22 हजार वोट बीजेपी के खिलाफ डालने का संकल्प लें।
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बकाया भुगतान की भी उठाई मांग
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा कि अगर बीजेपी सरकार वास्तव में शिक्षामित्रों की हितैषी है तो उन्हें पिछले वर्षों का बकाया भी देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षामित्रों को लंबे समय से आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
वोटों के जरिए जवाब देने की अपील
अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षामित्रों को हर महीने करीब 22 हजार रुपये का नुकसान हुआ है और इसी संख्या को प्रतीक मानकर हर विधानसभा में 22 हजार वोट बीजेपी के खिलाफ डलवाने की रणनीति बनानी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर सपा की सरकार बनती है तो शिक्षामित्रों के मानदेय, सम्मान और अधिकारों में बढ़ोतरी की जाएगी।उन्होंने यह भी कहा कि जिन शिक्षामित्रों ने संघर्ष के दौरान अपनी जान गंवाई है, उनकी परिवारों की मदद के लिए भी सपा प्रतिबद्ध रहेगी।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
अखिलेश यादव की यह अपील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिसका असर कितना होगा यह तो चुनाव परिणाम ही बताएंगे, लेकिन इससे बीजेपी खेमे में जरूर हलचल बढ़ गई है।






