शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मिली जान से मारने की धमकी के मामले ने वाराणसी सहित पूरे उत्तर प्रदेश में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज कर दी है, आरोप है कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन और मैसेज के जरिए उन्हें न सिर्फ अभद्र भाषा में गालियां दी गईं, बल्कि माफिया अतीक अहमद की तरह खत्म करने की धमकी भी दी गई।
इस मामले की जानकारी शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज ने दी। उन्होंने बताया कि बीते कुछ दिनों से लगातार धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे हैं, यहां तक कि नंबर ब्लॉक करने के बाद भी दूसरे माध्यम से संपर्क कर वॉयस मैसेज के जरिए धमकी देने की कोशिश की गई।
इस गंभीर मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर शंकराचार्य के समर्थक गुरुवार को वाराणसी के भेलुपुर थाने पहुंचे थे, जहां उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया हालांकि, आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और पूरे दिन टालमटोल करती रही, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए समर्थकों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है, उन्होंने कहा कि अगर शुक्रवार शाम 5 बजे तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो भेलुपुर थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह धमकी अप्रैल की शुरुआत से लगातार दी जा रही है, जिसमें आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं, समर्थकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे, फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है।






