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सीएम योगी ने बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र किया वितरित

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित करते हुए कहा कि पापी पाकिस्तान और टुकड़ों में बंटने वाला है। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और टीएमसी पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति का सबसे बड़ा दंश हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों ने झेला है। मुख्यमंत्री ने मियांपुर का नाम बदलकर ‘रविंद्र नगर’ करने की घोषणा की और कहा कि अब किसी क्षेत्र की पहचान गुलामी के प्रतीकों से नहीं होगी। इस अवसर पर उन्होंने तीन विधानसभा क्षेत्रों की 417 करोड़ रुपये की 213 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने बड़ी संख्या में लाभार्थियों को चेक भी प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लखीमपुर खीरी जनपद में लगभग 7,000 परिवारों यानी लगभग 35,000 लोगों को भौमिक अधिकार प्रदान किए गए हैं। पलिया के बाद अब मोहम्मदी में भी 1,000 परिवारों को यह अधिकार उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना बांग्लादेश से 1947 और 1971 में आए परिवारों को उनका अधिकार देने की है। पापी पाकिस्तान ने अपने कर्मों से भारत का विभाजन कराया, फिर पाकिस्तान के भी टुकड़े हुए। इंतजार करिए, अभी यह और टुकड़ों में बंटने वाला है। लेकिन पाकिस्तान के पापों की सजा वहां रह रहे हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों को मिली, क्योंकि उनके यहां किसी अन्य धर्म के लिए कोई जगह नहीं है।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने इन लोगों को ठुकराया और उनकी जमीन व पैतृक संपत्ति पर कब्जा किया। लेकिन, त्रासदी के बाद यहां आने वालों को कांग्रेस ने भी अधिकार नहीं दिया। उनके वोट तो लिए, लेकिन मालिकाना हक कभी नहीं दिया। बल्कि, उनकी पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम मियांपुर रख दिया गया, जबकि वहां एक भी मियां नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब आपकी पहचान मियांपुर नहीं, बल्कि राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव रविंद्रनाथ ठाकुर के नाम पर ‘रविंद्र नगर’ के रूप में होगी। बंगाल की भूमि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की भूमि है। भारत को राष्ट्रगान गुरुदेव ने दिया और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय हैं। यह वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का वर्ष है। इस अवसर पर आपको उस भूमि का स्वामित्व प्राप्त हुआ है, जहां आप दशकों पहले आकर बसे थे, लेकिन अब तक अधिकार नहीं मिला था।

सीएम योगी ने कहा कि दशकों पहले आपसे किए गए अधूरे वायदों को पूरा करने के लिए वह प्रधानमंत्री मोदी की ओर से आए हैं। आपके पूर्वज बांग्लादेश में रह रहे थे, लेकिन आपको मालिकाना अधिकार पीएम मोदी के “सबका साथ-सबका विकास” संकल्प के कारण भारत में मिल रहा है। बांग्लादेश में प्रताड़ित हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन भारत की ओर आशा व विश्वास से देखते हैं। भारत उनके साथ खड़ा होगा। आप लोग केवल सीमा पार कर के नहीं आए थे, अपने साथ टूटे हुए सपनों की पीड़ा लेकर आए थे। भारत ने आपको गले लगाया। आपकी जाति, संप्रदाय या मत नहीं पूछा, आपको अपनाया और आपके साथ खड़ा रहा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संघर्ष से आज आपको यह अधिकार मिल पाया है।

सीएम योगी ने कहा कि 1947 का विभाजन समाज के बंटवारे का परिणाम था। जो लोग जाति, मत व संप्रदाय के आधार पर समाज को बांटते हैं, वे देश और आने वाली पीढ़ियों के साथ विश्वासघात करते हैं। विभाजन और 1971 के युद्ध के दौरान हिंदू, सिख, बौद्ध व जैन समुदायों ने ऐसी त्रासदियों का सामना किया। प्रारंभ में 1,031 परिवार यहां बसे थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 5,000 से अधिक परिवारों तक पहुंच गई है, लेकिन उन्हें अब तक उनका अधिकार नहीं मिल पाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कानून पारित कराया, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट का विरोध किया। ये दल हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदायों को अधिकार दिए जाने के पक्ष में नहीं थे, वे सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाता है, तब समाजवादी पार्टी जिन्ना का महिमामंडन करती है। ये लोग एकता के बजाय जातीय विभाजन कर समाज के ताने-बाने को कमजोर करते हैं। और यह इनके सुनियोजित दृष्टिकोण का हिस्सा है। इसी के तहत सपा, कांग्रेस व टीएमसी ने नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध किया था। दिल्ली के शाहीन बाग में महीनों तक इस एक्ट के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया। लेकिन, मोदी जी हटे नहीं, डिगे नहीं। आज उसी की बदौलत हम आप सबको ये अधिकार पत्र प्रदान कर रहे हैं। अब आपको कोई वंचित या विस्थापित नहीं कर सकेगा। अब आपको बांग्लादेशी नहीं, बल्कि भारत के बांग्लाभाषी नागरिकों के रूप में पहचाना जाएगा।

सीएम योगी ने कहा कि 1947 हो या 1971, मजहबी कट्टरता ने हिंदुओं और सिखों के सपनों को चकनाचूर करने का काम किया। बांग्लादेश बना, फिर हिंदुओं का नरसंहार हुआ। न कांग्रेस बोलती है, न समाजवादी पार्टी बोलती है, न टीएमसी बोलती है। इन सबके मुंह सिले हुए हैं, क्योंकि मरने वाला हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन है। उनके लिए इन पार्टियों के मुंह नहीं खुलेंगे, क्योंकि जिस तुष्टीकरण की ये लोग राजनीति करते आए हैं, वह इनके अस्तित्व के सामने संकट न खड़ा कर दे, इसलिए इनका मुंह बंद हो जाता है।

सीएम योगी ने कहा कि लखीमपुर खीरी, गोला गोकर्णनाथ, धौरहरा और मोहम्मदी में बसे लगभग 1,031 परिवारों को 542 हेक्टेयर भूमि का मालिक बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर सहित चार जनपदों में बांग्लादेश से आए लगभग 65 हजार विस्थापित हिंदू व सिख रह रहे हैं, जिन्हें सरकार मालिकाना अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत के इतिहास में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर भौमिक अधिकार प्रदान किए जा रहे हैं। यहां गरीबों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजनाओं का लाभ दिया गया है तथा शेष पात्र लोगों को भी लाभ मिलेगा। हर घर में शौचालय, बिजली और नल कनेक्शन पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

सीएम योगी ने बताया कि आज यहां इस कार्यक्रम में 417 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास हुआ है, जबकि फरवरी 2025 में 1,622 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया गया था। लखीमपुर जनपद कृषि और खेती-किसानी की दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा जनपद है तथा इसका वास्तविक नाम ‘लक्ष्मीपुर’ है, जो समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है। यहां छोटी काशी को काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य इसी वर्ष पूरा होगा। इससे पर्यटन और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों की पहचान गुंडों, माफिया, दंगों और अव्यवस्था से जुड़ी थी, जबकि वर्तमान सरकार विकास और कानून-व्यवस्था पर काम कर रही है। अब “वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया” नहीं बल्कि “वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज” इसकी पहचान है। लखीमपुर में मेडिकल कॉलेज बन चुका है, गोला गोकर्णनाथ में भव्य कॉरिडोर विकसित हो रहा है, जिले में एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया तेज है, दुधवा नेशनल पार्क पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है और बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान पर कार्य जारी है।

सीएम योगी ने कहा कि इस तहसील में खिलने वाले दुर्लभ केतकी पुष्प को पहचान दिलाने के लिए सरकार ने धनराशि उपलब्ध करा दी है। इस क्षेत्र की उर्वर भूमि में मेंथा, गन्ना, धान और गेहूं का व्यापक उत्पादन होता है। हाल की अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने जिला प्रशासन को शीघ्र सर्वे कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और आपदा राहत के तहत सहायता देने के निर्देश दिए हैं। जनहानि पर 24 घंटे के भीतर सहायता राशि, पशुहानि पर तत्काल मुआवजा, फसल क्षति पर मंडी समिति से राहत तथा आपदा में घर नष्ट होने पर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जाएगा।

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