दुनियाभर के सिनेमा प्रेमियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। फैशन और ग्लैमर से भरपूर मेट गाला के बाद अब दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में शामिल Cannes Film Festival का आगाज होने जा रहा है। इस बार 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल का आयोजन 12 मई से 23 मई 2026 तक फ्रांस में किया जाएगा। हर साल की तरह इस बार भी दुनियाभर के फिल्ममेकर्स, एक्टर्स और कलाकार इस खास समारोह में हिस्सा लेने पहुंचेंगे।
फ्रांस के मशहूर पैलैस डेस फेस्टिवल्स एट डेस कांग्रेस में आयोजित होने वाला यह समारोह विश्व सिनेमा का सबसे बड़ा मंच माना जाता है। यहां न सिर्फ बेहतरीन फिल्मों का प्रदर्शन होता है, बल्कि रेड कार्पेट पर सितारों के शानदार फैशन और स्टाइल की भी पूरी दुनिया में चर्चा होती है।
भारतीय दर्शकों के बीच भी कान्स फिल्म फेस्टिवल को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि इस बार भारत की कई भाषाओं की फिल्मों को भी फेस्टिवल में जगह मिली है। हिंदी के अलावा पंजाबी, मलयालम, गुजराती और कन्नड़ फिल्मों की स्क्रीनिंग भी कान्स 2026 में की जाएगी।
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भारतीय समय के अनुसार फेस्टिवल की ओपनिंग सेरेमनी 12 मई की शाम से देर रात के बीच शुरू होगी, जबकि समापन समारोह 23 मई को आयोजित किया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम को दुनियाभर के दर्शक ऑनलाइन भी देख सकेंगे।
फेस्टिवल की लाइव स्ट्रीमिंग YouTube, इंस्टाग्राम और कान्स फिल्म फेस्टिवल की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Brut के जरिए भी इस समारोह का प्रसारण किया जाएगा। फ्रांस में दर्शक इसे फ्रांस टेलीविजन पर भी देख सकेंगे।
सोशल मीडिया पर भी फेस्टिवल की हर बड़ी अपडेट लगातार साझा की जाएगी। रेड कार्पेट एंट्री, स्टार्स के ग्लैमरस लुक, फिल्म प्रीमियर और एक्सक्लूसिव इंटरव्यू जैसी झलकियां दर्शकों को ऑनलाइन देखने को मिलेंगी। यही वजह है कि कान्स फिल्म फेस्टिवल सिर्फ एक फिल्म समारोह नहीं, बल्कि ग्लोबल एंटरटेनमेंट इवेंट बन चुका है।
इस बार भारत की ओर से कई खास फिल्मों को कान्स में जगह मिली है। Ammy Virk की पंजाबी फिल्म “चढ़दी कला” का प्रीमियर फेस्टिवल में होगा। इसके अलावा मलयालम फिल्म “बालन: द बॉय” और शॉर्ट फिल्म “शैडो ऑफ द मून लेसन नाइट” भी स्क्रीन की जाएंगी।
भारतीय सिनेमा की विविधता को दर्शाते हुए John Abraham की कल्ट क्लासिक फिल्म “अम्मा अरियान” को भी शामिल किया गया है। वहीं श्रीमयी चक्रवर्ती की डॉक्यूमेंट्री “स्पिरिट ऑफ द वाइल्डफ्लावर”, कैरेन क्षिति सुवर्णा की कन्नड़ फिल्म “21 सितंबर” और गुजराती फिल्म “लालो – कृष्णा सदा सहायते” भी दर्शकों के सामने पेश की जाएंगी।
कुल मिलाकर, Cannes Film Festival इस बार भारतीय सिनेमा के लिए बेहद खास साबित होने वाला है। एक तरफ जहां भारतीय फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा, वहीं दूसरी ओर भारतीय दर्शक भी घर बैठे इस ग्लोबल फिल्म समारोह का हिस्सा बन सकेंगे।






