उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath सरकार के हालिया मंत्रिमंडल विस्तार को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक नए मंत्रियों के विभागों का ऐलान नहीं हो पाया है। ऐसे में राजधानी लखनऊ से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और बीजेपी नेतृत्व के साथ हुई अहम बैठकों के बाद जल्द ही विभागों का बंटवारा किया जा सकता है। साथ ही सरकार के कई अहम मंत्रालयों में बड़े फेरबदल की संभावना भी जताई जा रही है।
दरअसल, 10 मई को हुए मंत्रिमंडल विस्तार में छह नए चेहरों को योगी कैबिनेट में शामिल किया गया था। इसके अलावा दो राज्यमंत्रियों को प्रमोट कर स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी दी गई। हालांकि शपथ ग्रहण के कई दिन बाद भी किसी मंत्री को विभाग नहीं मिलने से राजनीतिक अटकलें लगातार बढ़ रही हैं। पार्टी और सरकार दोनों स्तर पर इस बात को लेकर मंथन जारी है कि किस मंत्री को कौन सा मंत्रालय सौंपा जाए।दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमित शाह और बीजेपी संगठन के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इन बैठकों के बाद माना जा रहा है कि विभागों के बंटवारे पर अंतिम फैसला जल्द हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान सिर्फ मंत्रालयों के वितरण ही नहीं बल्कि संगठनात्मक बदलाव और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा हुई है। पार्टी सामाजिक और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नई जिम्मेदारियां तय करना चाहती है।
Also Read- अर्थ, सृजन व जीवन शक्ति के मॉडल से बनेगा विकसित उत्तर प्रदेश
योगी कैबिनेट में शामिल किए गए नए मंत्रियों में दलित, पिछड़ा और ब्राह्मण समाज के नेताओं को जगह देकर बीजेपी ने सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। ऐसे में विभागों का बंटवारा भी इसी रणनीति के तहत होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हर वर्ग तक मजबूत संदेश पहुंचाना चाहती है।
इस बीच सरकार के भीतर बेहतर विभाग पाने की होड़ भी तेज हो गई है। कई मंत्री दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं और अपने लिए प्रभावशाली मंत्रालय की कोशिश में जुटे बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि केवल नए मंत्रियों को विभाग देना ही एजेंडा नहीं है, बल्कि पुराने मंत्रियों के विभागों में भी बड़े स्तर पर फेरबदल किया जा सकता है।
सबसे ज्यादा चर्चा लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी को लेकर हो रही है। पहले यह विभाग Jitin Prasada के पास था, लेकिन उनके केंद्र सरकार में जाने के बाद यह जिम्मेदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास आ गई। अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह विभाग नए मंत्री Bhupendra Singh Chaudhary को दिया जा सकता है। वहीं कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि डिप्टी सीएम Keshav Prasad Maurya को फिर से यह अहम मंत्रालय मिल सकता है।
इसी तरह समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए Manoj Pandey को भी कैबिनेट में जगह दी गई है। चूंकि वे पहले मंत्री रह चुके हैं, इसलिए उन्हें भी किसी बड़े विभाग की जिम्मेदारी मिलने की चर्चा जोरों पर है।
सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में मंत्रियों के कामकाज की रिपोर्ट भी तलब की थी। कुछ विभागों के प्रदर्शन को लेकर असंतोष की बातें सामने आई थीं। ऐसे में आने वाले दिनों में सिर्फ विभागों का बंटवारा ही नहीं, बल्कि योगी सरकार के पूरे प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।






