Bihar Election: बिहार विधानसभा के चुनाव प्रचार में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी(Rahul Gandhi) का एक बयान चर्चा है। राहुल गांधी ने यूपी के सुलतानपुर(Sultanpur) जिले के रामचेत मोची का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने रामचेत(Ramchet Mochi) की जिंदगी बदल दी। लेकिन अब रामचेत के बेटे ने जो कहा है कि उससे उनके दावे की पोल खुलती नजर आ रही है। दरअसल राहुल गांधी ने प्रचार के दौरान दावा किया कि जब से उन्होंने रामचेत की मदद की, उसके बाद से उनकी हालत बेहतर हो गई है और उन्होंने 10 लोगों को रोजगार भी दिया है।
रामचेत मोची के बेटे राघव राम ने क्या बताया
हालांकि राहुल गांधी के इस दावे के उलट रामचेत मोची के बेटे राघव राम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हालात जस के तस हैं। उसने बताया कि मदद के तौर पर राहुल गांधी ने जो मशीन दी थी उससे अब काम नहीं होता, वह कई महीनों से बंद है। राघव ने बताया कि मेरे पिता का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। जो कारीगर दुकान पर आए भी थे अब वो काम पर नहीं आते। राघव राम ने कहा कि अब मैं अकेला ही काम करता हूं।
रामचेत की हालत ठीक नहीं
राघव राम ने कहा कि राहुल गांधी के आने के बाद से काम में कुछ दिन बढ़ोतरी जरूर हुई लेकिन हालात नहीं बदले। वहीं उनकी दुकान की हालत भी खराब है। रामचेत के परिवार का कहना है कि शुरूआत में 2-3 कारीगर जरूर आए लेकिन अब काम अच्छा नहीं चल रहा। रामचेत की हालत ठीक नहीं है। काम नहीं हो पा रहा।
बता दें कि साल 2024 में जुलाई महीने में राहुल गांधी एक मामले में सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेशी पर आए थे। वहीं जब पेशी से जब वह दिल्ली लौट रहे थे तो अयोध्या-प्रयागराज मार्ग पर गुप्तारगंज के पास हाईवे पर रामचेत मोची की दुकान पर रुके थे। रामचेत ने राहुल गांधी से अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए मदद भी मांगी थी।
वहीं जब राहुल गांधी दिल्ली पहुंचे तो उन्होंने रामचेत के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन भिजवाई जिससे वह आसानी से जूते, बैग आदि सिल सकें। इसके बाद रामचेत राष्ट्रीय मीडिया में छाए रहे। इसी का जिक्र राहुल गांधी ने बिहार चुनाव प्रचार में किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसा करके राहुल गांधी बिहार में मोची समाज के वोट समीकरण को कांग्रेस के पाले में करना चाहते हैं।







