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जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार कार्यक्रम से सुशासन की नई मिसाल

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देहरादून। उत्तराखंड में धामी सरकार द्वारा संचालित ‘जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार’ कार्यक्रम सुशासन की एक प्रभावी मिसाल बनकर सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं जनता के बीच पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और उनके त्वरित समाधान के लिए प्रशासन को मौके पर ही निर्देश दे रहे हैं।


कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेशभर में जनसेवा शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है। एक ही दिन में प्रदेश के 13 जनपदों में कुल 204 जनसेवा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 1 लाख 35 हजार 194 नागरिकों ने सहभागिता की।

इन शिविरों की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि मौके पर ही 12,776 शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया गया। वहीं 19,734 नागरिकों ने विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन किए, जिससे उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक पारदर्शी, जवाबदेह और जनकल्याणकारी प्रशासन देना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है, जिससे समस्याओं का समाधान तेज और प्रभावी ढंग से हो पा रहा है।
‘जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार’ कार्यक्रम से यह स्पष्ट है कि धामी सरकार शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाने के संकल्प पर लगातार आगे बढ़ रही है।

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