उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं, चुनाव में अब लगभग एक से डेढ़ साल का समय शेष है, ऐसे में सभी प्रमुख दल अभी से अपनी-अपनी रणनीति को धार देने में जुट गए हैं, समाजवादी पार्टी (सपा) भी विधानसभा सीटों पर मजबूत उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन कर रही है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार अलग-अलग जिलों के पदाधिकारियों और विधायकों के साथ बैठक कर राजनीतिक माहौल का आकलन कर रहे हैं, इसी कड़ी में पार्टी सूत्रों के हवाले से बड़ी जानकारी सामने आ रही है, बताया जा रहा है कि प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से सपा इस बार राजा भैया के सामने युवा महिला चेहरे ज्योत्सना सिंह को मैदान में उतार सकती है।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई एक बैठक में अखिलेश यादव ने इस ओर संकेत भी दिए हैं, हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन ज्योत्सना सिंह का प्रतापगढ़ से चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वे सदर सीट से चुनाव लड़ेंगी या कुंडा सीट से, इसका फैसला आने वाले समय में किया जाएगा।
अगर सपा कुंडा सीट से ज्योत्सना सिंह को टिकट देती है, तो यह मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है, कुंडा सीट पर लंबे समय से राजा भैया का दबदबा रहा है, ऐसे में युवा महिला चेहरे को उतारना सपा की एक बड़ी और नई राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और शिक्षा
ज्योत्सना सिंह प्रतापगढ़ की सक्रिय और उभरती हुई राजनीतिक शख्सियत हैं। उनका राजनीतिक सफर शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से शुरू हुआ, जो अब सक्रिय राजनीति में बदल चुका है, उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और कोचिंग राजस्थान के एलेन, कोटा से पूरी की है, इसके बाद उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी, लखनऊ से पत्रकारिता में स्नातक की पढ़ाई की राजनीति में वे वर्ष 2022 से प्रतापगढ़ में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, हालांकि उनका राजनीतिक जुड़ाव इससे पहले का है, उन्होंने वर्ष 2016 में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी।
पारिवारिक राजनीतिक विरासत
ज्योत्सना सिंह का परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है, उनके पिता राजकुमार सिंह प्रतापगढ़ की सदर सीट से पूर्व ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं और समाजवादी पार्टी के टिकट पर नगर पालिका चुनाव भी लड़ चुके हैं, वहीं उनकी माता भी सक्रिय राजनीति में हैं, वे सदर ब्लॉक की पूर्व ब्लॉक प्रमुख रह चुकी हैं और वर्तमान में समाजवादी पार्टी महिला सभा, प्रतापगढ़ की जिला अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं इसके अलावा, ज्योत्सना सिंह की सपा सांसद प्रिया सरोज से भी करीबी दोस्ती और पारिवारिक संबंध बताए जाते हैं, दोनों ही परिवार शुरुआत से समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं, जो उनकी राजनीतिक मजबूती को और बढ़ाता है।
सपा की नई रणनीति?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सपा अगर युवा महिला चेहरे को आगे बढ़ाती है, तो यह पार्टी की नई सामाजिक और चुनावी रणनीति का संकेत हो सकता है, खासकर कुंडा जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर यह फैसला प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे सकता है, फिलहाल सभी की नजरें समाजवादी पार्टी की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में प्रतापगढ़ की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।





