पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा मिशन शक्ति केन्द्रो के प्रभावी संचालन तथा महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम हेतु बरेली परिक्षेत्र, बरेली द्वारा आयोजित मिशन शक्ति कौशल कार्यशाला का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया शुभारम्भमिशन शक्ति केंद्र के लिए Minimum Service Standards तय किए जाएंगे।
मिशन शक्ति केंद्र एक भरोसेमंद “ब्रांड” के रूप में स्थापित होगा।
भविष्य में मानकीकरण, प्रशिक्षण एवं संसाधनों के माध्यम से मिशन शक्ति केंद्रों को और प्रभावी बनाया जाएगा।
संवेदनशीलता व प्री-एफआईआर काउंसलिंग से सामाजिक अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है।
मिशन शक्ति फेज-5 के अंतर्गत प्रत्येक थाने पर मिशन शक्ति केंद्र स्थापित कर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को सुदृढ़ किया गया है।
मिशन शक्ति केंद्र शिकायत के साथ-साथ संवाद, परामर्श, विधिक व चिकित्सीय सहायता का एकीकृत मंच है। (पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0)
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान फेज-5 के अंतर्गत राजीव कृष्ण पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 के मार्गदर्शन में आज बरेली परिक्षेत्र के समस्त जनपदों (बरेली, बदायूँ, पीलीभीत, शाहजहाँपुर) में स्थापित किये गये मिशन शक्ति केन्द्रों के प्रभावी संचालन हेतु जीआईसी ऑडिटोरियम बरेली में आयोजित मिशन शक्ति कौशल कार्यशाला का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुभारम्भ किया गया।
उक्त कार्यशाला में पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अतिरिक्त, चिकित्सकों, मनोवैज्ञानिकों, काउंसलरों, परिवार परामर्श केन्द्र के प्रभारियों ने भी प्रतिभाग किया गया।
पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा गया कि- आगामी समय में प्रत्येक मिशन शक्ति केंद्र के लिए Minimum Service Standards तय किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के किसी भी थाने में नागरिकों को समान गुणवत्ता की सेवा मिले।
मिशन शक्ति केंद्र एक भरोसेमंद “ब्रांड” के रूप में स्थापित हो। प्रशिक्षण, एसओपी के सरलीकरण और संसाधनों की उपलब्धता पर निरंतर कार्य किया जाएगा।
मिशन शक्ति केंद्रों का मूल आधार संवेदनशीलता, धैर्य और सुनने की क्षमता है। पीड़िता से संवाद के प्रारंभिक 10 मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। बिना जजमेंट के सुनना, सम्मानजनक व्यवहार और सहानुभूति अपने आप में समस्या समाधान का सशक्त माध्यम है।
जागरूकता और संवाद के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं-
इलोपमेंट/सामाजिक अपराधों में उल्लेखनीय कमी, बलात्कार के मामलों में लगभग 33ः की गिरावट,दहेज हत्या जैसे सामाजिक अपराधों में लगभग 13ः की कमी।
यह स्पष्ट करता है कि संवाद, संवेदनशीलता और कम्युनिटी आउटरीच पुलिस के अत्यंत प्रभावी उपकरण हैं। अपराधियों के प्रति कठोर दृष्टिकोण आवश्यक है, किंतु पीड़ितों और नागरिकों के लिए मानवीय एवं सहयोगात्मक दृष्टिकोण अनिवार्य है।मिशन शक्ति केंद्र महिलाओं एवं पीड़ितों के लिए केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं, बल्कि संवेदनशील संवाद, परामर्श एवं समन्वित समाधान का प्रभावी मंच बनकर उभरा है।
माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के मार्गदर्शन में वर्ष 2020 में प्रारंभ मिशन शक्ति अभियान को Whole of Government Approach के तहत संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों तक शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी एवं सेवाएं एकीकृत रूप से पहुँचाना है।
मिशन शक्ति के पाँचवें संस्करण में प्रत्येक थाने पर मिशन शक्ति केंद्र की स्थापना की गई है, जिससे महिला संबंधी समस्याओं का समाधान एफआईआर तक सीमित न रहकर प्री-एफआईआर काउंसलिंग, संवाद, जागरूकता, कानूनी सहायता, मेडिकल रेफरल और पोस्ट-ट्रॉमा केयर तक विस्तारित हो सका है। महिला थानों और जिला स्तर के परामर्श केंद्रों की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए इन सभी सेवाओं को एक छत के नीचे समाहित किया गया है।
इन केंद्रों के माध्यम से डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी (DLSA) से समन्वय कर निःशुल्क विधिक सहायता, तथा सरकारी एवं निजी अस्पतालों के साथ तालमेल कर आवश्यक चिकित्सीय सहयोग सुनिश्चित किया गया है। कई गंभीर मामलों में इससे पीड़ितों को नया और सुरक्षित जीवन मिला है।
मिशन शक्ति केंद्रों के लिए वाहनों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक थाने पर चार-चार स्कूटी उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
अंत में पुलिस महानिदेशक ने मिशन शक्ति से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मियों, चिकित्सकों, विधिक विशेषज्ञों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संवाद, संवेदनशीलता और समन्वय के माध्यम से मिशन शक्ति केंद्र प्रदेश में महिला सुरक्षा एवं सामाजिक विश्वास का सशक्त माध्यम बनकर उभरे हैं।





