महाराष्ट्र नगरपालिका चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद देशभर में इसकी चर्चा हो रही है। वहीं उद्धव ठाकरे और अन्य पार्टियों की हार को लेकर भी राजनीतिक बयान सामने आ रहे हैं। इस चुनावी नतीजे पर वाराणसी के लोगों ने भी अपनी राय रखी है।वाराणसी के रहने वाले अवनीन्द्र राय ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) पर उत्तर भारतीयों के विरोध का आरोप लगता रहा है। उनके अनुसार, महाराष्ट्र में भाषा और बोली के आधार पर लोगों को बांटने की राजनीति की गई, जिसका असर चुनाव नतीजों में साफ दिखा। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों के विकास में उत्तर भारतीयों का बड़ा योगदान है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
युवाओं ने विकास को चुना: पतंजलि पांडेय
मीडिया से बातचीत में पतंजलि पांडेय ने कहा कि महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजे यह दिखाते हैं कि वहां के युवाओं ने विकास की सोच को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि भाषा के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश को युवाओं ने खारिज किया और विकास को समझते हुए बीजेपी को वोट दिया।
चुनाव परिणामों से मिला जवाब: वैभव तिवारी
वहीं वैभव कुमार तिवारी ने कहा कि देश में विभाजन की राजनीति करने वालों को जनता जवाब देती है। उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों से साफ है कि लोगों ने ऐसी सोच को नकारा है जो समाज को बांटने का काम करती है। उनके मुताबिक, भारत एक है और यहां भाषा या राज्य के नाम पर लोगों को बांटना संभव नहीं है।
भाषा और राज्य के नाम पर नहीं बंटेंगे लोग
राहुल पांडेय ने कहा कि जिन जगहों पर उत्तर भारतीयों के साथ भेदभाव किया जाता है या भाषा के आधार पर राजनीति होती है, वहां जनता चुनाव में जवाब देती है। उन्होंने कहा कि अब लोग भाषा और राज्य के नाम पर बंटने को तैयार नहीं हैं।गौरतलब है कि महाराष्ट्र की 29 नगरपालिकाओं में हुए चुनावों में बीजेपी को ऐतिहासिक जीत मिली है। इस जीत को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। वाराणसी में भी बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया और इसे जनता के विश्वास की जीत बताया।


