Home Yogi एकीकृत न्यायालय परिसरों का शिलान्यास, न्यायिक बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक कदम: योगी

एकीकृत न्यायालय परिसरों का शिलान्यास, न्यायिक बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक कदम: योगी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में न्यायिक ढांचे को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के तहत जनपद चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस एवं औरैया में एकीकृत न्यायालय परिसरों के शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इसे भारत के न्यायिक इतिहास में “स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने वाला क्षण” बताया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन आधुनिक न्यायालय परिसरों में अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कोर्ट कॉम्प्लेक्स में आधुनिक कोर्ट चैंबर, न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा, स्पोर्ट्स सुविधा, पर्याप्त पार्किंग, कैंटीन और सुव्यवस्थित कार्यस्थल उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे न्यायिक कार्यों की गुणवत्ता और कार्यक्षमता दोनों में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं की वर्षों पुरानी पीड़ा का उल्लेख करते हुए कहा कि अब उन्हें जर्जर और असुविधाजनक चैंबरों में काम नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अब ऐसा नहीं होगा कि किसी वादकारी के चैंबर में प्रवेश करते ही दिन में सूरज के दर्शन हो जाएं। सरकार अब टूटी-फूटी संरचनाओं के स्थान पर आधुनिक हाई-राइज़ भवनों में बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक चैंबर उपलब्ध कराने जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि माननीय मुख्य न्यायाधीश की प्रेरणा से प्रदेश के छह जनपदों में यह महत्वपूर्ण सुविधा शुरू की जा रही है, जबकि चार अन्य जनपदों में भी इस दिशा में कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। यह पहल न्यायपालिका और कार्यपालिका के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुदृढ़ न्यायिक ढांचा “न्याय सुलभता, पारदर्शिता और समयबद्ध न्याय” की आधारशिला होता है। इन एकीकृत न्यायालय परिसरों के निर्माण से न केवल अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, बल्कि वादकारियों को भी न्याय की प्रक्रिया में सम्मान और सुविधा का अनुभव होगा।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश में न्यायिक सुधारों को नई दिशा देगी और आने वाले समय में इसे एक आदर्श मॉडल के रूप में देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल वास्तव में न्यायिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने का कार्य करेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here