जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव एक बार फिर अपनी धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक रुझान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार वे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रभावित नजर आए। तेज प्रताप यादव ने रामायण को सत्य, धर्म, कर्तव्यनिष्ठा, त्याग और मर्यादा की शिक्षा देने वाला महान ग्रंथ बताया। उनके अनुसार रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाला एक नैतिक और सामाजिक मार्गदर्शक भी है।
तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए जानकारी दी कि पटना के बापू सभागार में “हमारे राम ” नामक एक भव्य रामलीला नाटक का आयोजन किया गया। यह आयोजन 18 जनवरी 2026 को हुआ, जिसमें प्रसिद्ध अभिनेता आशुतोष राणा ने रावण की भूमिका निभाई, जबकि राहुल भुचर राम के किरदार में नजर आए।

यह रामलीला रामायण के अनकहे अध्यायों पर आधारित एक भव्य और भावनात्मक मंच प्रस्तुति थी। तेज प्रताप यादव ने कार्यक्रम में शामिल होकर सभी कलाकारों से मुलाकात की और उनकी उत्कृष्ट कलाकारी के लिए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। अपने पोस्ट में तेज प्रताप यादव ने लिखा कि रामायण एक अद्भुत, अविस्मरणीय और हृदयस्पर्शी ग्रंथ है, जो आध्यात्मिक चेतना को जाग्रत करता है और भगवान श्रीराम तथा रावण के चरित्रों को नए दृष्टिकोण से परिभाषित करता है। उन्होंने कहा कि रामायण से यह संदेश मिलता है कि बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत होती है और रिश्तों, अनुशासन व अच्छे आचरण से जीवन को आदर्श बनाया जा सकता है।
तेज प्रताप यादव के अनुसार रामायण माता-पिता के सम्मान, भाईचारे और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा देती है। गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव को भगवान श्रीकृष्ण का अनन्य भक्त माना जाता है। वे इससे पहले भी वृंदावन-मथुरा में दर्शन-पूजन करने, स्वयं कृष्ण का वेश धारण कर बांसुरी बजाने और धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हुए कई बार नजर आ चुके हैं।





