लखनऊ। यूपी में महिला सशक्तिकरण को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है। राज्य महिला आयोग की अगुवाई में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं को लेकर राजधानी लखनऊ में व्यापक जागरूकता कार्यशाला और समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं, बालिकाओं और वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी और त्वरित रूप से पहुंचाना रहा।
कार्यशाला में योजनाओं की विस्तार से जानकारी
कार्यशाला के दौरान समाज कल्याण विभाग की उन प्रमुख योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनका सीधा लाभ महिलाओं, वृद्धों, अनुसूचित जाति वर्ग और जरूरतमंद परिवारों को मिलता है। अधिकारियों ने पेंशन योजनाओं, पारिवारिक सहायता, सामूहिक विवाह, छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, प्रशिक्षण केंद्रों, छात्रावासों और विशेष कल्याण बोर्ड से जुड़ी योजनाओं की प्रक्रिया और पात्रता को सरल भाषा में समझाया।
जनसुनवाई और चौपाल के जरिए लाभ पहुंचाने की रणनीति

कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आगामी जनसुनवाई और जागरूकता चौपालों के माध्यम से महिलाएं और बालिकाएं इन योजनाओं की जानकारी हासिल करें और बिना किसी बाधा के उनका लाभ ले सकें। आयोग के पदाधिकारियों ने निर्देश दिए कि योजनाओं की जानकारी सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव-गांव और शहर के हर जरूरतमंद तक पहुंचे।
मिशन शक्ति 5.0 की प्रगति की समीक्षा
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में राज्य महिला आयोग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें मिशन शक्ति 5.0 के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित महिला जनसुनवाई, निरीक्षण कार्यक्रमों और पोषण पंचायतों की प्रगति की समीक्षा की गई। बीते माह किए गए कार्यों का विश्लेषण करते हुए भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
महिलाओं को त्वरित न्याय और सहायता पर फोकस

समीक्षा बैठक में यह भी तय किया गया कि आयोग के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान सामने आने वाले मामलों में संवेदनशीलता, तेजी और प्रभावशीलता को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारियों और सदस्यों की रही सक्रिय भागीदारी
इस महत्वपूर्ण आयोजन में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यगण, समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
साफ संदेश: योजनाएं कागजों से निकलें, ज़मीन पर दिखें
कार्यक्रम का सार यही रहा कि सरकारी योजनाएं सिर्फ घोषणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि हर जरूरतमंद महिला और परिवार की जिंदगी में बदलाव का माध्यम बनें। महिला सशक्तिकरण को लेकर यह पहल आने वाले समय में प्रदेश में सकारात्मक असर दिखाने की उम्मीद जगा रही है।





