Home National कर्तव्य पथ पर गूंजा ‘वंदे मातरम’, ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन ने बांधा समां

कर्तव्य पथ पर गूंजा ‘वंदे मातरम’, ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन ने बांधा समां

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77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। भारतीय वायुसेना के राफेल, मिग-29, सुखोई-30 और जगुआर लड़ाकू विमानों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ फॉर्मेशन के जरिए आसमान में अद्भुत शक्ति प्रदर्शन किया। वंदे मातरम की गूंज के बीच पूरा वातावरण राष्ट्रगौरव से ओतप्रोत दिखा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन पारंपरिक बग्घी में सवार होकर राष्ट्रपति भवन से कर्तव्य पथ के लिए रवाना हुईं। राष्ट्रपति अपने विशेष अंगरक्षकों के साथ सलामी मंच तक पहुंचीं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया।

इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 21 तोपों की सलामी दी गई। परेड में सर्वोच्च वीरता पुरस्कार विजेताओं की गौरवशाली उपस्थिति रही। परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त), सूबेदार मेजर संजय कुमार और अशोक चक्र विजेता मेजर जनरल सीए पिथावालिया (सेवानिवृत्त) तथा कर्नल डी श्रीराम कुमार परेड में शामिल हुए।

राष्ट्रपति परेड ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को औपचारिक सलामी दी। परेड की कमान लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार ने संभाली, जबकि मेजर जनरल नवराज ढिल्लों सेकंड-इन-कमांड रहे। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया। इसके साथ ही शुभांशु शुक्ला भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री बने, जिन्हें शांतिकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया। परेड में बैटल एरे वर्दी में 61 कैवेलरी का टोही दल निकला।

इसके बाद हाई मोबिलिटी रिकोनिसेंस व्हीकल — भारत का पहला स्वदेशी डिजाइन बख्तरबंद लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल — प्रदर्शित किया गया। ध्रुव हेलिकॉप्टरों ने ‘प्रहार फॉर्मेशन’ का शानदार प्रदर्शन किया, जिसकी अगुवाई कर्नल विजय प्रताप ने की। शक्तिबान और दिव्यास्त्र जैसे हाई मोबिलिटी व्हीकल्स (HMV 6×6), धनुष गन सिस्टम, अमोघ एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) और स्वदेशी सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के साथ सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली ने परेड मार्ग पर देश की सैन्य ताकत का प्रभावी प्रदर्शन किया। 1965, 1971 और 1999 के युद्धों में इस्तेमाल की गई सैन्य सामग्री भी प्रदर्शित की गई। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उपयोग में आए इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर की झांकी ने तीनों सेनाओं के समन्वय और सामूहिक शक्ति को दर्शाया।

‘संग्राम से राष्ट्रनिर्माण तक’ थीम पर वेटरंस झांकी

तीनों सेनाओं के वेटरंस की झांकी ने युद्ध से राष्ट्र-निर्माण तक की गौरवपूर्ण यात्रा को दर्शाया। झांकी के अग्र भाग में संग्राम का प्रतीक 3D गोलाकार दीवार रही, जिस पर युद्ध मशीनों और निर्णायक क्षणों को उकेरा गया। ऊपर अमर जवान ज्योति शहीदों को श्रद्धांजलि देती दिखी, जबकि ट्रेलर भाग में राष्ट्रनिर्माण में वेटरंस की निरंतर सेवा को दर्शाया गया।

दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बलों का मार्च पास्ट

सीमा सुरक्षा बल का ऊंट दल डिप्टी कमांडेंट महेंद्र पाल सिंह राठौर के नेतृत्व में मार्च करता दिखा। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल दल का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर करण सिंह ने किया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की टुकड़ी का नेतृत्व असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन बाला और असिस्टेंट कमांडेंट सुरभि रवि ने किया। इसके बाद आईटीबीपी और दिल्ली पुलिस के दस्तों ने भी अनुशासित मार्च पास्ट किया।

EU का दस्ता भी रहा शामिल

कर्तव्य पथ पर यूरोपीय संघ का सैन्य दस्ता भी परेड का हिस्सा बना। यूरोपीय संघ के सैन्य प्रतिनिधि कर्नल फ्रेडरिक साइमोन स्प्रुइट ने जिप्सी में सवार होकर परेड में भाग लिया।

‘वंदे मातरम’ झांकी और महिला तटरक्षक की हुंकार

‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर आधारित विशेष झांकी निकाली गई, जिसमें बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को दर्शाया गया। पूरे कर्तव्य पथ पर वंदे मातरम का सामूहिक गायन गूंजता रहा। महिला भारतीय तटरक्षक बल की झांकी ने विशेष आकर्षण बटोरा। असिस्टेंट कमांडेंट निशी शर्मा के नेतृत्व में निकली इस झांकी में असिस्टेंट कमांडेंट अपूर्वा गौतम होरे, लक्षिता और हार्दिक शामिल रहीं, जिसने नारी शक्ति और समुद्री सुरक्षा में महिलाओं की भूमिका को मजबूती से प्रस्तुत किया।

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