आशुतोष ब्रह्मचारी पर चलती ट्रेन में हमला होने का मामला सामने आया है। उन्होंने इस हमले के पीछे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके सहयोगियों की साजिश होने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, आशुतोष ब्रह्मचारी रीवा एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। जब ट्रेन प्रयागराज की ओर जा रही थी और फतेहपुर व सिराथू के बीच पहुंची, तभी सुबह करीब 5 बजे उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया। हमलावर ने उनकी नाक काटने की कोशिश की और उन पर कई वार किए।
आशुतोष ब्रह्मचारी के मुताबिक, वह किसी तरह बाथरूम में जाकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। प्रयागराज पहुंचने के बाद उन्होंने इस घटना की शिकायत जीआरपी थाने में दर्ज कराई है।
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाए गंभीर आरोप
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उन्होंने नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के मामले में केस दर्ज कराया था। उनका आरोप है कि इसके बाद उनके खिलाफ इनाम की घोषणा की गई थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी नाक काटने पर 21 लाख रुपये का इनाम रखा गया था और उसी के तहत उन पर हमला किया गया।
उन्होंने इस मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कराया है। उनका कहना है कि वह कोर्ट में सबूत के तौर पर एक पेन ड्राइव जमा कराने प्रयागराज जा रहे थे, लेकिन उन पर लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा था।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को बताया गलत
इस मामले पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका इस घटना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस हमले की जानकारी मीडिया के जरिए मिली है।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी कहा कि उनके समर्थकों को किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की सलाह दी गई है। 21 लाख रुपये के इनाम के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई इनाम घोषित नहीं किया है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले के पीछे की सच्चाई जानने की कोशिश की जा रही है।







