प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत उत्तर प्रदेश सरकार नई नीति लाने की तैयारी कर रही है। यह नीति किफायती आवास और किफायती किराया आवास योजनाओं को लागू करने के लिए बनाई जा रही है। यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है।
गरीब और निम्न आय वर्ग को मिलेगा फायदा
सुरेश खन्ना ने बताया कि इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए आवास निर्माण की सीमा बढ़ा दी गई है। पहले जो सीमा तय थी, उसे बढ़ाकर अब 9 लाख रुपये तक कर दिया गया है।इसके साथ ही इन वर्गों के लिए बनने वाले घरों का अधिकतम क्षेत्रफल 30 वर्गमीटर तय किया गया है।
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केंद्र और राज्य सरकार दोनों देंगी मदद
इस योजना के तहत बनने वाले हर घर के लिए केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
साथ ही जिन परियोजनाओं को सूचीबद्ध किया जाएगा, उनमें काम करने वाले डेवलपर्स को भी कई तरह की छूट मिलेगी। इसमें भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क, नक्शा पास कराने और बाहरी विकास शुल्क में राहत दी जाएगी। लाभार्थियों को स्टाम्प शुल्क में भी छूट मिल सकती है।
किराये के किफायती घरों का भी प्रावधान
किफायती किराया आवास मॉडल के तहत शहरी गरीबों, कामकाजी महिलाओं, उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों और अन्य पात्र EWS और LIG परिवारों के लिए किराये के घर बनाए जाएंगे। इन घरों का निर्माण, संचालन और रखरखाव निजी या सरकारी संस्थाएं कर सकेंगी।
अयोध्या में बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
इसके अलावा अयोध्या में मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
इस परियोजना के लिए वशिष्ठ कुंड क्षेत्र में करीब 2500 वर्गमीटर नजूल भूमि को नगर निगम अयोध्या को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह जमीन गाटा संख्या 1026, 1027, 1029, 1030, 1031, 1033 और 1035 से मिलकर बनी है।
प्रस्ताव के अनुसार यह जमीन नगर निगम को मुफ्त में दी जाएगी और जिलाधिकारी की सर्किल दर के आधार पर शुल्क में भी छूट दी जा सकती है। हालांकि दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि यह फैसला विशेष परिस्थिति में लिया जाएगा और इसे भविष्य के लिए उदाहरण नहीं माना जाएगा।





