यूपी में एलपीजी की सुचारु आपूर्ति के लिए सीएम योगी सख्त, कालाबाजारी पर होगी कड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में रसोई गैस यानी LPG की निर्बाध और सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं, उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर किसी भी तरह की घबराहट की स्थिति नहीं बनने दी जानी चाहिए और लोगों को समय-समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
गुरुवार (12 मार्च) को मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों और तेल कंपनियों के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में एलपीजी की मौजूदा मांग और आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि गैस की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रखी जाए और किसी भी स्तर पर कमी न होने दी जाए।
समय पर सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश
सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने गैस सिलेंडर की बुकिंग कराई है, उन्हें तय नियमों के अनुसार समयबद्ध तरीके से सिलेंडर की डिलीवरी दी जाए, इसके साथ ही उपभोक्ताओं को उनकी अगली गैस रिफिल की संभावित तिथि की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितना कि अफवाहों के जरिए प्रचारित करने की कोशिश की जा रही है, इसलिए तेल कंपनियां प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर एलपीजी की आपूर्ति और वितरण की वास्तविक स्थिति के बारे में आम जनता को नियमित रूप से जानकारी देती रहें, मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार भी आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगर कोई वितरक एजेंसी या व्यक्ति एलपीजी की जमाखोरी या कालाबाजारी में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए, उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर एलपीजी वितरक केंद्रों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की जा सकती है, ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति न बने और गैस वितरण का कार्य सुचारु रूप से चलता रहे।
पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और इनके वितरण में किसी प्रकार की कमी नहीं है, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश को विकल्प के तौर पर लगभग 80 लाख लीटर केरोसिन भी आवंटित किया गया है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर उपयोग में लाया जा सकता है।
कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग में कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला पूर्ति अधिकारी और तेल कंपनियों के स्थानीय प्रतिनिधि आपसी समन्वय से एलपीजी की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखें।
इसके अलावा सीएम योगी ने छात्रावासों, धर्मशालाओं, अस्पतालों, होटलों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों से संवाद स्थापित कर उन्हें वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए भी प्रेरित करने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर गैस की खपत को संतुलित किया जा सके।





