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खेतीबाड़ी में ड्रोन की शुरुआत, एफपीओ व कृषि स्नातकों को ड्रोन के लिए 40-50 प्रतिशत अनुदान

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योगी सरकार ने खेती-किसानी में नवाचार के जरिए किसानों को न सिर्फ आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि उनकी आय में बढ़ोतरी भी सुनिश्चित की है। सरकार ने राज्य में खेतीबाड़ी में ड्रोन के प्रयोग की शुरुआत की, जिसके तहत एफपीओ व कृषि स्नातकों को ड्रोन के लिए 40-50 प्रतिशत अनुदान स्वीकृत किया गया। योगी सरकार का त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम भी किसानों को आत्मनिर्भर बना रहा है। किसान साल में तीन-तीन फसलों के जरिए अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। एक तरफ योगी सरकार किसानों को कृषि यंत्र, अनुदान पर बीज, मिनीबीज किट आदि देकर सहयोग कर रही है तो दूसरी तरफ किसान भी उत्पादकता का नया इतिहास रच रहे हैं।

किसानों के साथ ही योगी सरकार भी चाहती है कि खेती में लागत कम लगे और मुनाफा ज्यादा हो। आमदनी बढ़ाने को पारंपरिक फसलों की खेती के साथ किसान नवाचार आधारित फसलीय कार्य भी करें, इसके लिए सरकार उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। योगी सरकार का त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम ऐसे ही प्रोत्साहन का हिस्सा है, जिससे जुड़कर किसान आत्मनिर्भर हो रहे हैं। सरकार से बीज पर मिले 90 प्रतिशत अनुदान से गोरखपुर के ब्रह्मपुर ब्लॉक के किसानों ने स्वीट कॉर्न की खेती कर दोगुनी आय की। ब्रह्मपुर ब्लॉक में आकिब जावेद के कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़े कुछ किसानों ने बीते खरीफ सीजन में स्वीट कॉर्न की खेती की। इन्हें साथ मिला कृषि विभाग और सरकार के त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम का। इस कार्यक्रम से किसानों को सबसे बड़ा फायदा बीज पर 90 प्रतिशत अनुदान का मिला।

एफपीओ के संचालक आकिब जावेद बताते हैं कि सरकार भरपूर सब्सिडी नहीं देती तो बीज खरीदना मुश्किल था। एफपीओ से जुड़े ब्रह्मपुर ब्लॉक के श्रीराम, भीमसेन, विजेंद्र, राजेश प्रताप आदि किसानों ने ग्राम पुरनहा और सुगहा में कुल 8 एकड़ क्लस्टर में स्वीट कॉर्न की खेती की। इन किसानों का कहना है कि वे खरीफ में धान और सामान्य मक्का की खेती तो पहले से करते थे, लेकिन स्वीट कॉर्न उपजाने का यह पहला प्रयास था। शुरू में थोड़ी हिचक हुई, लेकिन नतीजा शानदार आया। बीज पर 90 प्रतिशत अनुदान मिलने से प्रति एकड़ लागत आठ से दस हजार रुपये के बीच ही रही। इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर फसल प्रबंधन की बारीकियां सिखाईं। ढाई माह में फसल तैयार हुई और प्रति एकड़ औसतन 40 क्विंटल उपज प्राप्त हुई। उत्पादित स्वीट कॉर्न एफपीओ के माध्यम से स्थानीय स्तर पर 30 रुपये प्रति किलो की दर से बिक गया। इन किसानों ने प्रति एकड़ एक से सवा लाख रुपये की आय अर्जित की है, जो धान जैसी पारंपरिक फसल की तुलना में काफी अधिक है।

एफपीओ के संचालक आकिब जावेद का कहना है कि त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के माध्यम से योगी सरकार का भरपूर साथ मिलने से स्वीट कॉर्न पैदा करने वाले किसानों के जीवन में दोगुनी आय की मिठास घुल गई है। उम्मीद है कि ब्रह्मपुर ब्लॉक में स्वीट कॉर्न की प्रायोगिक खेती से अन्य किसानों का रुझान भी इस तरफ बढ़ेगा।

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