उत्तर प्रदेश में बाबा चंद्रशेखर फरसे वाले की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद हालात अचानक बिगड़ गए। इस घटना के बाद उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। अफवाहों के चलते भीड़ और ज्यादा उग्र हो गई। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-19 को कई घंटों तक जाम कर दिया, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हंगामे के दौरान भीड़ ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला कर दिया। पथराव किया गया, लाठी-डंडों का इस्तेमाल हुआ और कुछ लोगों ने अवैध हथियारों से फायरिंग भी की। इस दौरान कई सरकारी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया और अधिकारियों के वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में 22 नामजद और करीब 250 से 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें गौरव उर्फ भूरा, नरेश, हिमांशू, पवन शर्मा, कपिल शर्मा, धर्मेंद्र, विष्णु, अनुज, शनि, केशव, पवन, अरुण, अमन और सुभाष जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा कई अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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पुलिस ने बताया कि खुद को गोरक्षक बताने वाले दक्ष चौधरी को भी माहौल बिगाड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसे उसके साथियों के साथ जेल भेज दिया गया है। पुलिस सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भी नजर रख रही है और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
घटना 21 मार्च की है, जब बाबा चंद्रशेखर की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद उनके समर्थक पोस्टमार्टम न कराने की मांग को लेकर अड़ गए और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के समझाने के बावजूद भीड़ नहीं मानी और शव को लेकर गांव आजनौख की गोशाला पहुंच गई। बाद में समर्थकों ने शव को एंबुलेंस से उतारकर निजी वाहन में रखा और हाईवे पर पहुंचकर जाम लगा दिया।
जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी जैसे ADM, SDM और SP ग्रामीण मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाने की कोशिश की, तो स्थिति और बिगड़ गई। प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और पुलिस पर हमला कर दिया। इस दौरान आम लोगों और राहगीरों के साथ भी बदसलूकी की गई।
हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इस झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। थाना प्रभारी छाता और अन्य पुलिस अधिकारी भी घायल हुए हैं।
मौके से पुलिस ने 15 मोटरसाइकिलें, ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे और 315 व 312 बोर के कारतूस बरामद किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), CLA एक्ट, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और IT एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। साथ ही, दूसरे राज्यों से माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।





