ललितपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। अधिक फीस वसूली और अभिभावकों को चिन्हित दुकानों से किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर करने की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है।
ललितपुर जिले में निजी स्कूलों की मनमानी से परेशान अभिभावकों को अब राहत मिल सकती है। कई संगठनों द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्कूलों की मनमानी की शिकायत की गई थी। आरोप है कि निजी विद्यालय हर साल फीस बढ़ा रहे हैं और बच्चों के कोर्स, जूते, मोजे व यूनिफॉर्म केवल तय दुकानों से खरीदने का दबाव बना रहे हैं।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि अब जिले में स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। किसी भी विद्यालय को अधिक फीस वसूलने या अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने के लिए बाध्य करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासन ने डीआईओएस और बीएसए को निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के भीतर सभी संबंधित विद्यालयों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जांच के दौरान अभिभावकों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों के अनुसार कोई भी स्कूल कैपिटेशन फीस नहीं ले सकता और न ही पांच साल के भीतर यूनिफॉर्म में बदलाव कर सकता है, जब तक कि इसके लिए नियामक समिति की अनुमति न ली गई हो। साथ ही, एनसीईआरटी के अलावा अन्य किताबें जबरन थोपना भी नियमों के खिलाफ है।
फिलहाल प्रशासन की इस सख्ती से अभिभावकों को बड़ी राहत की उम्मीद है। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषी स्कूलों पर क्या कार्रवाई होती है।






