Home Political news वो सीटे जिनपर कोई ब्राह्मण ठाकुर या बनिया नहीं लड़ पायेगा चुनाव...

वो सीटे जिनपर कोई ब्राह्मण ठाकुर या बनिया नहीं लड़ पायेगा चुनाव ?

21
0

लोकसभा की सियासत में एक नई बहस ने आग पकड़ ली है… सवाल सिर्फ सीटों का नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व और अधिकारों का भी है। चर्चा ये है कि आने वाले समय में लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर करीब 800–816 तक जा सकती है। इसके साथ ही आरक्षित सीटों की संख्या भी बढ़ेगी—और यहीं से विवाद शुरू होता है।

कहा जा रहा है कि 200 ऐसी सीटें होंगी जिसपर अब ब्राह्मण क्षत्रिय कायस्थ यानि कि सामन्य जाति के लोग इन सीटों पर वोट दे सकते है मगर चुनाव नहीं लड़ सकते है ,,,,मौजूदा आंकड़े क्या कहते हैं?अभी लोकसभा की कुल 543 सीटों में से 131 सीटें आरक्षित हैं—जिनमें करीब 84 सीटें अनुसूचित जाति (SC) और 47 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए हैं। यानी लगभग 24% सीटें आरक्षित हैं, जबकि बाकी 412 सीटें सामान्य (अनारक्षित) हैं, जहां कोई भी वर्ग चुनाव लड़ सकता है। अब अगर भविष्य में सीटों की संख्या बढ़कर 816 होती है और आरक्षण का अनुपात लगभग 24% ही रहता है, तो अनुमान के तौर पर करीब 190–200 सीटें आरक्षित हो सकती हैं। यानी 600 से ज्यादा सीटें फिर भी अनारक्षित रहेंगी। यही वो बिंदु है जहां से सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है—कहा जा रहा है कि कुछ सीटों पर सामान्य वर्ग के लोग चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। लेकिन सच्चाई ये है कि ऐसा पहले से ही आरक्षित सीटों पर लागू है और यह व्यवस्था संविधान के तहत वंचित वर्गों के प्रतिनिधित्व के लिए बनाई गई है। मतलब साफ है—सीटें बढ़ेंगी तो आरक्षण भी बढ़ेगा, लेकिन सामान्य वर्ग के लिए चुनाव लड़ने के मौके खत्म नहीं होंगे, बल्कि कुल संख्या के हिसाब से और ज्यादा सीटें उपलब्ध रहेंगी। यही आंकड़ों का संतुलन इस पूरी बहस की असली तस्वीर दिखाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here