मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटर से जुड़ी उपभोक्ता शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं, ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि ओवरबिलिंग की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति (Expert Committee) का गठन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम उपभोक्ता स्वाभाविक रूप से ईमानदार होता है और यदि उसे समय पर सही बिजली बिल मिले तो वह भुगतान करने में किसी प्रकार की हिचक नहीं करता, ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि बिलिंग प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय हो।
ओवरबिलिंग की जांच के लिए बनेगी समिति
सीएम योगी ने निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम में ओवरबिलिंग की शिकायतों की तकनीकी और निष्पक्ष जांच के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाई जाए, यह समिति उपभोक्ताओं की समस्याओं का अध्ययन कर वास्तविक कारणों की रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी उपभोक्ता की गलती नहीं है, तो उसका बिजली कनेक्शन किसी भी स्थिति में नहीं काटा जाना चाहिए।
उपभोक्ता सेवाओं पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी बिजली आपूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, उन्होंने ऊर्जा विभाग को निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटरिंग, लाइन लॉस में कमी, डिजिटल सेवाओं और राजस्व संग्रह प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत निस्तारण व्यवस्था को तेज और पारदर्शी बनाया जाए ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
फील्ड निरीक्षण के निर्देश
सीएम योगी ने ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिया कि वे स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और जनता की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें, इसके साथ ही उन्होंने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 को पूरी तरह सक्रिय रखने और शिकायतों के समयबद्ध समाधान पर जोर दिया।
बिजली व्यवस्था में बड़े सुधार
बैठक में बताया गया कि राज्य में स्मार्ट मीटरिंग और बिजली सुधारों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अब तक 84 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और फीडर मीटरिंग में लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, इसके अलावा, प्री और पोस्ट मानसून मेंटेनेंस के कारण ट्रांसफार्मर क्षति में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
ग्रामीण विद्युतीकरण और उत्पादन विस्तार
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण को तेज करने के निर्देश दिए और कहा कि न्यूनतम आबादी वाले मजरों तक भी बिजली पहुंचाई जाए। साथ ही, नई बिजली उत्पादन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।
नवीकरणीय ऊर्जा पर फोकस
बैठक में ‘पीएम सूर्य घर योजना’ सहित सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार पर भी चर्चा हुई, मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए।






