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उत्तर प्रदेश कृषि मॉडल: 9 सालों में बदलाव की पूरी कहानी

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उत्तर प्रदेश लंबे समय तक एक पारंपरिक कृषि राज्य के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन पिछले 9 वर्षों में राज्य की कृषि व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है, सरकारी दावों और आंकड़ों के अनुसार, अब कृषि केवल खेती-किसानी तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था का केंद्रीय स्तंभ बन चुकी है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में कृषि क्षेत्र में उत्पादन, निवेश, तकनीक और नीतिगत सुधारों के जरिए एक नया “कृषि मॉडल” विकसित होने का दावा किया जा रहा है।

कृषि विकास में ऐतिहासिक छलांग

राज्य सरकार के अनुसार कृषि विकास दर 8% से बढ़कर लगभग 18% तक पहुंची, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र का GVA ₹2.96 लाख करोड़ से बढ़कर ₹6.95 लाख करोड़ हुआ, कम कृषि भूमि (देश की ~11%) के बावजूद यूपी देश के 21% खाद्यान्न उत्पादन में योगदान दे रहा है, इसे “कम संसाधन में अधिक उत्पादन” वाला मॉडल बताया जा रहा है।

किसान सशक्तिकरण और सीधा लाभ

किसानों तक सीधे लाभ पहुंचाने के लिए DBT प्रणाली को बढ़ावा दिया गया।

  • 3.12 करोड़ किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ
  • ₹99,000 करोड़ से अधिक की राशि सीधे खातों में ट्रांसफर
  • 86 लाख किसानों का ऋण माफ किए जाने का दावा

सरकार का दावा है कि इससे किसानों को आर्थिक राहत और आत्मविश्वास मिला है।

गन्ना और एथेनॉल सेक्टर में बड़ी छलांग

उत्तर प्रदेश ने गन्ना और एथेनॉल उत्पादन में मजबूत पकड़ बनाई है:

  • गन्ना रकबा 20.54 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 28.61 लाख हेक्टेयर
  • उत्पादन क्षमता 72 टन से बढ़कर 83.25 टन प्रति हेक्टेयर
  • किसानों को ₹3,12,928 करोड़ का गन्ना भुगतान
  • एथेनॉल उत्पादन 42 करोड़ लीटर से बढ़कर 187.80 करोड़ लीटर

    यूपी अब देश का प्रमुख एथेनॉल उत्पादक राज्य बन गया है।

“हर खेत को पानी” नीति के तहत:

  • 1309 सिंचाई परियोजनाएं पूरी
  • 52.13 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता विकसित
  • 241.29 लाख किसानों को प्रत्यक्ष लाभ

    बागवानी और कृषि निर्यात में विस्तार
  • बागवानी आय ₹41,000 करोड़ से बढ़कर ₹1,25,000 करोड़
  • कृषि निर्यात ₹400 करोड़ से बढ़कर ₹1,700 करोड़
  • आम, आलू, मटर, आंवला और शहद उत्पादन में यूपी नंबर-1

    पशुपालन, मत्स्य और रेशम क्षेत्र में वृद्धि
  • दूध उत्पादन: 388.15 लाख मीट्रिक टन (देश में प्रथम)
  • मत्स्य उत्पादन: 6.18 से 13.30 लाख मीट्रिक टन
  • रेशम उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि

    किसानों की आय के स्रोत अब विविध हो रहे हैं। तकनीक और “UP AGRI S” योजना

कृषि को आधुनिक बनाने के लिए:

  • 86,128 सोलर पंप स्थापित
  • ड्रोन पर 40–50% सब्सिडी
  • ₹4,000 करोड़ की UP AGRI S योजना (विश्व बैंक सहयोग)
  • ग्रामीण उद्यमिता और कृषि वैल्यू चेन विकास पर फोकस 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर

सरकार के अनुसार, कृषि अब केवल आजीविका नहीं बल्कि आर्थिक विकास का आधार बन चुकी है, उत्पादन, निवेश, तकनीक और निर्यात में सुधार के साथ यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में कृषि की अहम भूमिका बताई जा रही है।

निष्कर्ष

पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था में व्यापक बदलाव का दावा किया जा रहा है, जहां एक ओर उत्पादन और तकनीक में वृद्धि देखी गई है, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर राजनीतिक और आर्थिक बहस भी जारी है कि यह बदलाव कितना वास्तविक और कितना नीतिगत सफलता का परिणाम है, आने वाले समय में यही कृषि मॉडल उत्तर प्रदेश के समग्र विकास की दिशा तय करेगा।

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