महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जारी सियासी बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। हालांकि सरकार की ओर से संबोधन के विषय की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए माना जा रहा है कि पीएम इस मुद्दे पर अपनी बात रख सकते हैं। हाल ही में लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर सका था, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस विधेयक का पास न होना सरकार की नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ एक रुख को दर्शाता है।बैठक में पीएम ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण का समर्थन न करना एक बड़ी राजनीतिक चूक है और इससे यह संदेश जाता है कि विपक्ष महिलाओं को समान भागीदारी देने के पक्ष में नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विपक्ष वास्तव में महिलाओं के अधिकारों के प्रति गंभीर था, तो पिछले दशकों में इस दिशा में ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए। प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिए कि इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर जनता के बीच ले जाने की जरूरत है, ताकि लोगों तक सही जानकारी पहुंच सके। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से कहा कि वे गांव-गांव जाकर इस विषय पर संवाद करें। गौरतलब है कि पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन आमतौर पर बड़े फैसलों, उपलब्धियों या राष्ट्रीय संकट के समय होते रहे हैं। ऐसे में इस बार का संबोधन खास माना जा रहा है, क्योंकि यह ऐसे समय में हो रहा है जब एक अहम संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में किन मुद्दों को प्रमुखता देते हैं।






