उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए अखिलेश यादव नई रणनीति के साथ मैदान में उतर चुके हैं, खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी सक्रियता तेजी से बढ़ी है, दादरी में एक बड़ी रैली के साथ चुनावी अभियान की शुरुआत करने के बाद अब उनका फोकस सीधे किसानों से संवाद पर है।
गाजियाबाद में होगा किसान संवाद कार्यक्रम
दादरी रैली के बाद अब 25 अप्रैल को गाजियाबाद में किसान संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में पश्चिमी यूपी के विभिन्न किसान संगठनों और किसानों को समाजवादी पार्टी की ओर से आमंत्रित किया गया है, इस दौरान अखिलेश यादव ‘विजन इंडिया’ पहल के तहत किसानों से सीधे बातचीत करेंगे और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करेंगे।
किसानों के मुद्दों पर होगी सीधी चर्चा
किसान संवाद कार्यक्रम में किसानों की आय, लागत, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी, इसके अलावा गन्ना और आलू किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा, पार्टी सूत्रों के मुताबिक, किसानों के लिए एक व्यापक एजेंडा तैयार किया गया है, जिसमें उनकी आय बढ़ाने और समस्याओं के समाधान के लिए ठोस योजना शामिल है।
किसान घोषणापत्र की तैयारी
इस संवाद कार्यक्रम से मिले सुझावों के आधार पर समाजवादी पार्टी अपना किसान घोषणापत्र तैयार करेगी, कार्यक्रम में किसानों के साथ-साथ कृषि विशेषज्ञों और सफल किसानों को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि व्यावहारिक सुझाव मिल सकें।
कृषि वैज्ञानिक और AI विशेषज्ञ भी होंगे शामिल
कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों और कृषि क्षेत्र में काम कर रहे AI विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है, ये विशेषज्ञ किसानों की समस्याओं को समझकर उनके समाधान और आय बढ़ाने के आधुनिक तरीकों पर चर्चा करेंगे साथ ही, सफल किसानों की कहानियों को रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे अन्य किसानों को प्रेरणा मिल सके।
दादरी रैली से मिला उत्साह
इससे पहले दादरी में आयोजित सपा की रैली में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया था, यह रैली पार्टी के लिए काफी सफल मानी जा रही है और इसी उत्साह के साथ अब किसान संवाद कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है।
निष्कर्ष
पश्चिमी यूपी में किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर अखिलेश यादव अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, आने वाले चुनावों में किसानों के मुद्दे एक बार फिर केंद्र में रहने वाले हैं, और सपा इस मौके को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।






