गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर को 1055 करोड़ रुपये की लागत वाली 497 विकास परियोजनाओं की सौगात दी।
गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राप्ती नदी के एकला बंधा पर लिगेसी वेस्ट निस्तारण से विकसित ईको पार्क और नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क सहित कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि “जब नीयत साफ हो तो नियति बदलने में देर नहीं लगती।” उन्होंने गोरखपुर में बीते नौ वर्षों में हुए व्यापक विकास को इस सोच का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री ने एकला बंधा पर बने ईको पार्क का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि कभी शहर में प्रवेश करते ही कचरे के ढेर नजर आते थे, लेकिन अब उसी स्थान को विकसित कर आकर्षक ईको पार्क बनाया गया है। करीब 2.26 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण से तैयार यह स्थल अब पिकनिक स्पॉट और पर्यटन केंद्र बन चुका है। यहां बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, योग-ध्यान के लिए स्थान और हरियाली से युक्त वातावरण विकसित किया गया है।
उन्होंने नगर निगम की सराहना करते हुए कहा कि “कचरे को कंचन में बदलने” का यह कार्य गोरखपुर के परिवर्तन का प्रतीक है। पहले जहां कचरे के कारण वायु, जल और भूमि प्रदूषण की समस्या थी, वहीं अब यह क्षेत्र स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का मॉडल बन गया है।
सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसस और बीआरडी मेडिकल कॉलेज को चिकित्सा के उत्कृष्ट केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि जिले में चार विश्वविद्यालय, मिनी स्टेडियम और एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण प्रगति पर है। खाद कारखाना और पिपराइच चीनी मिल के संचालन से औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिली है।
नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क को जाम की समस्या का समाधान बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग तीन किलोमीटर लंबी यह सड़क लखनऊ और वाराणसी मार्ग पर आवागमन को और सुगम बनाएगी। उन्होंने शहर में हुए बुनियादी सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि जहां पहले जलभराव, अंधेरा और पेयजल की समस्या थी, वहां अब बेहतर जल निकासी, एलईडी स्ट्रीट लाइट और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है। ईको पार्क क्षेत्र में सोलर एनर्जी के उपयोग को नेट जीरो लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वच्छ स्कूल अभियान का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर को 7 स्टार गार्बेज फ्री सिटी बनाने और स्वच्छ सर्वेक्षण में शीर्ष तीन में लाने के लिए एक लाख से अधिक स्कूली बच्चों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। आरआरआर (रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल), वेस्ट टू आर्ट और विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्वच्छता को जन आंदोलन बनाया जाएगा। अंत में मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।






