फर्रुखाबाद जनपद में 25, 26 और 27 अप्रैल को आयोजित होने वाली होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन ने अभूतपूर्व सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इस बार परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई गई है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने संयुक्त रूप से कई परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम आर.पी. इंटर कॉलेज कमालगंज, आर.पी. पी.जी. कॉलेज कमालगंज, फिरोज गांधी इंटर कॉलेज कमालगंज और जनता राष्ट्रीय इंटर कॉलेज फतेहगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने स्ट्रॉन्ग रूम से लेकर सीसीटीवी कंट्रोल रूम तक हर व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मिली छोटी-छोटी खामियों को भी अधिकारियों ने गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि परीक्षा केंद्रों पर शौचालय साफ-सुथरे होने चाहिए, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए और बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली हर हाल में चालू रहे। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं एसपी आरती सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग और पहचान सत्यापन में जरा सी भी ढिलाई मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ALSO READ:प्रयागराज में धीरेंद्र शास्त्री की कथा में पहुंचे राजा भैया, बयान से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
जनपद में इस भर्ती परीक्षा के लिए कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जबकि अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रिजर्व में भी रखे गए हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी, जिसमें हर पाली में 7,104 अभ्यर्थी शामिल होंगे। इस प्रकार तीन दिनों में कुल 42,624 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
इतने बड़े आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, स्मार्टवॉच, स्मार्टबैंड, पर्स, सनग्लासेस और हैंडबैग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। सभी केंद्रों पर क्लॉक रूम बनाए गए हैं, जहां अभ्यर्थियों को अपना सामान जमा करना अनिवार्य होगा। प्रवेश केवल पेन, प्रवेश पत्र और मूल पहचान पत्र के साथ ही दिया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक समेत कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन का साफ संदेश है कि इस बार भर्ती परीक्षा की साख पर किसी भी तरह की आंच नहीं आने दी जाएगी, चाहे इसके लिए कितनी भी सख्ती क्यों न करनी पड़े।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पिछली कुछ भर्ती परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
फिलहाल, जिले में परीक्षा को लेकर सुरक्षा का ऐसा घेरा तैयार किया गया है कि “परिंदा भी पर न मार सके” — और यही इस बार की परीक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी पहचान बनती दिख रही है।






