जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र में जमीन से जुड़े एक गंभीर विवाद का मामला सामने आया है, जिसमें खरीदे गए प्लॉट की कथित रूप से दोबारा अवैध रजिस्ट्री किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में मध्यप्रदेश के दतिया निवासी महंत रामदूत दास ने गुरुवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को शिकायती पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, महंत रामदूत दास, जो प्राचीन रामजानकी मंदिर भांडेर, जिला दतिया (मध्यप्रदेश) के निवासी हैं, ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने दिनांक 12 सितंबर 2013 को उरई निवासी प्रॉपर्टी डीलर राममूरत तिवारी पुत्र मंगल तिवारी निवासी बधौरा उरई तथा रविशंकर पचौरी पुत्र प्रयाग नारायण पचौरी निवासी लहारियापुरवा से लगभग 30×50 वर्गफुट का एक प्लॉट अपनी माताजी श्रीमती गीता देवी के नाम विधिवत रजिस्ट्री कराकर खरीदा था। शिकायतकर्ता का कहना है कि उस समय विक्रेताओं द्वारा उन्हें जो भूमि दिखाई गई थी, उसी भूमि को खरीदी गई संपत्ति बताया गया था। लेकिन हाल ही में जब वह उक्त स्थल पर पहुंचे, तो उन्हें जानकारी मिली कि उसी जमीन की दोबारा किसी अन्य व्यक्ति के नाम कथित रूप से फर्जी एवं अवैध तरीके से रजिस्ट्री कर दी गई है।
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महंत रामदूत दास ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस संबंध में राममूरत तिवारी और रविशंकर पचौरी से बातचीत की, तो आरोपियों ने सहयोग करने के बजाय दबंगई भरा रवैया अपनाया। शिकायत के अनुसार, उन्होंने कहा कि ताकत हो तो ले लो, हम नाप नहीं कराएंगे। पीड़ित ने इसे सुनियोजित धोखाधड़ी, विश्वासघात और भू-माफियागिरी बताते हुए कहा कि इस घटना से उन्हें आर्थिक, सामाजिक और मानसिक क्षति हुई है।उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा राजस्व विभाग से भूमि का सीमांकन (नाप) कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराई जाए। साथ ही, उनकी वैध संपत्ति पर अधिकार दिलाने हेतु आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित को कब तक न्याय मिल पाता है।






