मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ का शुभारंभ करते हुए श्रमिकों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रदेश का विकास तभी सार्थक है, जब श्रमिक वर्ग सशक्त और सुरक्षित हो। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार श्रमिक परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने के लिए तेजी से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 12.26 लाख निर्माण श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी जा चुकी है, जिससे उनके परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है। शेष 15.83 लाख श्रमिकों को भी जल्द इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस पहल से लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और सरकार का उद्देश्य प्रदेश के एक करोड़ श्रमिक परिवारों तक इस सुविधा को पहुंचाना है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के योगदान को देश के विकास की आधारशिला बताते हुए कहा कि उनके पसीने से ही नए भारत का निर्माण हो रहा है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब श्रमिकों को आवास, राशन, शौचालय और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रमिकों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी श्रमिक को उसका मेहनताना नहीं मिलता है तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। “काम किया है तो दाम भी मिलना चाहिए,” इस बात को दोहराते हुए उन्होंने श्रमिकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में श्रमिकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिनमें डॉरमेट्री, सस्ती और पौष्टिक भोजन देने वाली कैंटीन, स्वच्छ शौचालय और सुरक्षा की व्यवस्था शामिल है। साथ ही ईएसआईसी सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में 41 जनपदों में 116 ईएसआईसी औषधालय संचालित हैं और शेष जिलों में भी जल्द इन्हें स्थापित करने की योजना है। औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए अस्पतालों की स्थापना पर भी काम किया जा रहा है, ताकि उन्हें अपने कार्यस्थल के पास ही बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास और श्रमिक हितों को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि जहां औद्योगिक शांति होती है, वहीं विकास संभव है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की औद्योगिक अशांति प्रदेश के विकास को प्रभावित करती है, इसलिए सभी को मिलकर सकारात्मक माहौल बनाए रखना होगा। उन्होंने आगे कहा कि सरकार नए वेज बोर्ड के गठन की दिशा में काम कर रही है, जिससे श्रमिकों को उचित मजदूरी मिल सके। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को भी स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा का लाभ देने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य श्रमिकों को मजबूत सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन यापन कर सकें और प्रदेश के विकास में अपनी भागीदारी को और मजबूत बना सकें।






