उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ के खतरनाक पहलू को उजागर कर दिया है। यहां पांच बच्चे इंस्टाग्राम रील बनाने के लिए करीब 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए, लेकिन यह रोमांच उनकी जिंदगी के लिए भारी पड़ गया। नीचे उतरते समय टंकी की जर्जर सीढ़ी अचानक टूट गई, जिससे तीन बच्चे नीचे गिर गए। इस हादसे में एक किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह घटना शनिवार दोपहर की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, ये पांचों बच्चे एक पुरानी पानी की टंकी पर चढ़े थे, जिसकी उम्र करीब 26 साल बताई जा रही है। रील शूट करने के बाद जैसे ही वे नीचे उतरने लगे, सीढ़ी उनके वजन को सहन नहीं कर सकी और टूट गई। करीब 60 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण 13 वर्षीय सिद्धार्थ की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
Also Read- बंगाल चुनाव 2026: रुझानों में बीजेपी आगे, क्या बदलने जा रहा है सियासी समीकरण?
वहीं, बाकी दो बच्चों ने सूझबूझ दिखाते हुए सीढ़ी टूटते ही ऊपर लगी लोहे की रॉड पकड़ ली और खुद को गिरने से बचा लिया। हालांकि वे टंकी के ऊपर ही फंस गए, जिससे उन्हें सुरक्षित नीचे उतारना एक बड़ी चुनौती बन गया। प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन टंकी के आसपास दलदली जमीन होने के कारण राहत कार्य में काफी दिक्कतें आईं। हाइड्रोलिक मशीनें मौके तक नहीं पहुंच पा रही थीं, जिससे बचाव कार्य प्रभावित हुआ।
स्थिति को देखते हुए पहले अस्थायी सड़क बनाने की कोशिश की गई, लेकिन बारिश ने इस प्रयास को भी अधूरा छोड़ दिया। आखिरकार, हालात की गंभीरता को समझते हुए भारतीय वायु सेना को मदद के लिए बुलाया गया। वायु सेना ने हेलिकॉप्टर की मदद से दोनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतार लिया। यह रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन सेना की तत्परता और दक्षता से दोनों बच्चों की जान बचाई जा सकी।
इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह बेहद दुखद घटना है और इसे भ्रष्टाचार का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि जर्जर और लापरवाही से बनी संरचनाएं आम लोगों की जान के लिए खतरा बन रही हैं। साथ ही उन्होंने भारतीय वायु सेना के रेस्क्यू ऑपरेशन की सराहना भी की।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने की होड़ किस तरह युवाओं को जोखिम भरे कदम उठाने के लिए प्रेरित कर रही है। साथ ही यह भी सवाल खड़ा करता है कि सार्वजनिक ढांचे की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर जिम्मेदार एजेंसियां कितनी सतर्क हैं।






