Tech Industry संगठनों की आपत्ति
Internet and Mobile Association of India (IAMAI) और Broadband India Forum (BIF) ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित Information Technology Rules 2021 में संशोधनों का विरोध किया है। दोनों संगठनों का कहना है कि इससे ऑनलाइन कंटेंट पर सरकारी नियंत्रण बढ़ेगा और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए नियामकीय अनिश्चितता पैदा होगी।
AI कंटेंट लेबलिंग पर भी विवाद
Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने प्रस्ताव रखा है कि AI द्वारा तैयार किए गए कंटेंट पर लगातार दिखाई देने वाला लेबल अनिवार्य किया जाए। टेक संगठनों का कहना है कि इससे AI कंपनियों और क्रिएटर्स पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
‘Safe Harbor’ सुरक्षा पर चिंता
दोनों संगठनों ने खास तौर पर ड्राफ्ट रूल 3(4) का विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी और निर्देश कानूनी रूप से बाध्यकारी बन जाएंगे। इससे IT Act की धारा 79 के तहत मिलने वाली ‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा प्रभावित हो सकती है, जो प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट की जिम्मेदारी से बचाती है।
Supreme Court के फैसले का हवाला
IAMAI और BIF ने Shreya Singhal v. Union of India फैसले का हवाला देते हुए कहा कि कंटेंट हटाने की कार्रवाई केवल अदालत के आदेश या वैध सरकारी नोटिफिकेशन के आधार पर ही होनी चाहिए। संगठनों ने प्रस्तावित नियमों को वापस लेने या सीमित करने की मांग की है।
Social Media और OTT पर बढ़ेगा दायरा
प्रस्तावित संशोधनों के तहत सोशल मीडिया पर शेयर होने वाले न्यूज और करेंट अफेयर्स कंटेंट को भी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की निगरानी व्यवस्था के दायरे में लाने की बात कही गई है। टेक संगठनों का मानना है कि इससे यूजर जनरेटेड कंटेंट पर अतिरिक्त नियंत्रण बढ़ सकता है।



