देवभूमि हरिद्वार में एक नाबालिग किशोरी की संदिग्ध मौत के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक तरफ भाजपा कार्यकर्ता चंपावत के कथित गैंगरेप प्रकरण को लेकर कांग्रेस पर हमला बोल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने हरिद्वार पुलिस और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
दरअसल, हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र से 8 मई की रात एक किशोरी लापता हो गई थी। परिजनों ने उसे 9 मई की सुबह बरामद कर लिया। इसके बाद ज्वालापुर पुलिस ने किशोरी को सुबह 9 बजे से शाम करीब 4:30 बजे तक थाने में बैठाकर पूछताछ की और फिर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। आरोप है कि घर पहुंचने के कुछ समय बाद किशोरी की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।मामले में हरिद्वार के एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने पुलिस कार्रवाई का पक्ष रखा है, लेकिन विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्वालापुर कोतवाली के बाहर प्रदर्शन किया। ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की शह पर पुलिस बेलगाम हो चुकी है। कांग्रेस का कहना है कि यदि समय रहते किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया जाता तो मामले की कई अहम परतें सामने आ सकती थीं। कांग्रेस कार्यकर्ता मनोज सैनी ने एसपी सिटी के बयान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की बात कही जा रही है, लेकिन पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित पॉयजनिंग का समय क्या था। इससे मामले की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। वहीं इस घटना ने हरिद्वार में महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।






