उत्तर प्रदेश सरकार ने खेल प्रतिभाओं को निखारने और युवाओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश के पांच प्रमुख स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्रक्रिया के तहत लखनऊ, गोरखपुर, इटावा (सैफई), फतेहपुर और सहारनपुर स्थित स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा 6, 9 और 11 की कुल 518 संभावित रिक्त सीटों पर चयन किया जाएगा।
इस बार प्रदेश में खेल शिक्षा के दायरे को और विस्तार देते हुए फतेहपुर और सहारनपुर में दो नए स्पोर्ट्स कॉलेजों को भी शामिल किया गया है, जहां पहली बार प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके साथ ही अब कुल पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों में चयन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
पूरी प्रवेश प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए इसे ऑनलाइन मोड में संचालित किया जा रहा है। अभ्यर्थी खेल साथी पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर रहे हैं। इसके साथ ही स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है। आवेदन शुल्क 200 रुपये निर्धारित किया गया है।
इस बार सरकार ने शैक्षिक रिकॉर्ड की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए UDISE+ पोर्टल से जारी पर्मानेंट एजुकेशन नंबर (PEN) को अनिवार्य कर दिया है। बिना PEN के किसी भी अभ्यर्थी का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
स्पोर्ट्स कॉलेजों में अलग-अलग खेलों के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। लखनऊ स्थित गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, बैडमिंटन और वॉलीबॉल जैसे खेलों की ट्रेनिंग दी जाएगी। वहीं गोरखपुर के बीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में कुश्ती, जूडो, जिम्नास्टिक, बैडमिंटन, हॉकी और वॉलीबॉल जैसे खेल शामिल हैं। इटावा (सैफई) के मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज में एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, तैराकी और कुश्ती की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। फतेहपुर और सहारनपुर के नए कॉलेजों में एथलेटिक्स, हॉकी, हैंडबॉल, बॉक्सिंग, जूडो और भारोत्तोलन जैसे खेलों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रवेश के लिए शैक्षिक योग्यता भी स्पष्ट रूप से तय की गई है। कक्षा 6 में प्रवेश के लिए कक्षा 5 उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, कक्षा 9 के लिए कक्षा 8 और कक्षा 11 के लिए कक्षा 10 उत्तीर्ण होना जरूरी है। एक वर्ष का गैप लेने वाले अभ्यर्थियों को शपथ पत्र देना होगा।
चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट और प्रदर्शन आधारित होगी। इसमें प्रारंभिक चयन परीक्षा और मुख्य चयन परीक्षा शामिल होगी, जिनमें शारीरिक फिटनेस, खेल कौशल और प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। दोनों चरणों में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
खेलों के अनुसार मानक भी निर्धारित किए गए हैं। वॉलीबॉल जैसे खेलों में लंबाई को भी चयन मानदंड में शामिल किया गया है, जबकि कुश्ती, बॉक्सिंग और जूडो जैसे खेलों में अलग-अलग भार वर्ग तय किए गए हैं। एथलेटिक्स में दौड़, कूद और फेंक जैसी स्पर्धाओं के आधार पर प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।
चयन के बाद अभ्यर्थियों की जैविक आयु जांच भी कराई जाएगी, जिसके लिए लखनऊ, गोरखपुर और इटावा में विशेष मेडिकल केंद्र बनाए गए हैं। अंतिम चरण में काउंसलिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इस पूरी व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है, जिससे उत्तर प्रदेश खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सके।






