उत्तर प्रदेश में युवाओं के सपनों को आज नई उड़ान मिली…राजधानी लखनऊ के लोक भवन सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित 932 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।21 विभागों में चयनित इन अधिकारियों में एसडीएम, डिप्टी एसपी, खंड विकास अधिकारी, कमांडेंट, खाद्य विपणन अधिकारी समेत कई महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद नेताओं ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी और प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।सबसे पहले वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने संबोधन में मंच पर मौजूद अतिथियों का परिचय कराया। इसी दौरान उन्होंने हल्के अंदाज में कहा, “अच्छा, ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर भी आ गए!”उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश में क्षमता और योग्यता के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ नियुक्तियां हो रही हैं।अपने भाषण के दौरान उन्होंने कवि गोविंद व्यास की पंक्तियां भी सुनाईं,“फुर्सत तो मुझे भी बहुत थी देश के लिए,पर जब पेट भर गया तो मुझे नींद आ गई।”
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इसके बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चयनित अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लाखों उम्मीदवारों में से चुनकर यहां तक पहुंचे हैं।
उन्होंने पूर्व की व्यवस्थाओं पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले पर्ची के जरिए एसडीएम और डिप्टी कलेक्टर बनाए जाते थे, लेकिन आज नियुक्तियों में कदाचार का एक भी मामला देखने को नहीं मिलता।ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।उन्होंने कहा कि पहले शाम के बाद बेटियों का बाहर निकलना मुश्किल था, लेकिन आज माहौल बदल चुका है।उनके शब्दों में “आज बेटियां जानती हैं कि अगर किसी ने छेड़ा, तो अगले चौराहे पर यमराज खड़े होंगे।”
वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को आगे लाना है।उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि कई अधिकारी ऐसे होते हैं, जिनके स्थानांतरण पर जनता भावुक हो जाती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा,“तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें ना रहें।”
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवचयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यदि नियुक्तियां सिफारिश और पैसे के आधार पर हों, तो व्यक्ति प्रगति नहीं बल्कि दुर्गति की ओर बढ़ता है।उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की पहचान बन चुका था, लेकिन आज वही प्रदेश देश के ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन योजनाएं बनाता है और प्रशासन उन्हें जमीन पर लागू करता है, इसलिए चयनित अधिकारी ही सरकार की योजनाओं का वास्तविक चेहरा हैं।उन्होंने बताया कि आज 37 डिप्टी कलेक्टर, 17 डिप्टी एसपी समेत कुल 932 अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पारदर्शिता, शुचिता और ईमानदारी के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि सेवाकाल के शुरुआती 10 वर्ष ही पूरे जीवन और करियर की मजबूत नींव तय करेंगे।






