उत्तर प्रदेश के उरई शहर में एक महिला ने अपने ही परिवार के लोगों पर गैरिज पर कब्जा करने और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।महिला का आरोप है कि रिश्तेदारी और भरोसे के आधार पर कुछ समय के लिए गैरिज उपयोग करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन अब आरोपित पक्ष गैरिज खाली करने से इनकार कर रहा है।
गैरिज पर कब्जे का आरोप
जालौन जिले के गांधीनगर निवासी सरोज वर्मा पत्नी स्वर्गीय कैलाश चंद्र वर्मा ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके मकान के पास स्थित गैरिज उनके नाम विधिवत रजिस्टर्ड है।पीड़िता के अनुसार यह गैरिज 13 सितंबर 2023 से उनके स्वामित्व में दर्ज है। आरोप है कि उनकी जिठानी रेखा वर्मा और उनके पुत्र हर्षवर्धन वर्मा ने बेटी की शादी और वाहन खड़ा करने की समस्या का हवाला देते हुए अस्थायी रूप से गैरिज उपयोग करने की अनुमति मांगी थी।पारिवारिक संबंधों को देखते हुए उन्होंने गैरिज इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी थी।
गैरिज खाली करने से इनकार का आरोप
सरोज वर्मा का कहना है कि काफी समय बीत जाने के बाद भी गैरिज खाली नहीं किया गया। जब उन्होंने और उनके बेटे ने गैरिज वापस करने की बात कही तो आरोपियों ने साफ इनकार कर दिया।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि रेखा वर्मा स्वयं को भाजपा की जिला उपाध्यक्ष बताते हुए प्रशासनिक प्रभाव का हवाला देती हैं और कहती हैं कि “मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”
गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि हर्षवर्धन वर्मा ने गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि गैरिज खाली नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो कोर्ट में भी मामला लड़ा जाएगा।शिकायत के मुताबिक गैरिज पर स्थायी कब्जा करने की नीयत से उनके छोटे बेटे के नाम स्टे लेने की धमकी भी दी गई है।
बेटे की शादी से पहले बढ़ी चिंता
महिला ने जिलाधिकारी को बताया कि उनके छोटे बेटे की शादी निकट है। ऐसे समय में गैरिज खाली न होने से रिश्तेदारों और मेहमानों के ठहरने तथा वाहनों की व्यवस्था में भारी परेशानी हो रही है।पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उनका गैरिज खाली कराया जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि शिकायत के बाद मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पारिवारिक विवाद अब कानूनी रूप लेता जा रहा है और प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।





