Home Uttar Pradesh Bareilly BEO Action: बरेली में भूसा कलेक्शन आदेश पर कार्रवाई, बीईओ जिला...

Bareilly BEO Action: बरेली में भूसा कलेक्शन आदेश पर कार्रवाई, बीईओ जिला मुख्यालय से अटैच; बीएसए डॉ. विनीता ने दी सफाई

47
0

बरेली के बेसिक शिक्षा विभाग में भूला कलेक्शन को लेकर जारी आदेश विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर आदेश वायरल होने और शिक्षक संगठनों के विरोध के बाद बीएसए डॉ. विनीता ने नवाबगंज के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सत्यदेव को जिला मुख्यालय के अटैच करते हुए उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 

वायरल आदेश के बाद बढ़ा विवाद

भूसा कलेक्शन से जुड़ा आदेश सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के वर्किंग सिस्टम पर सवाल उठने लगे। सोशल मीडिया पर आदेश वायरल होने के बाद शिक्षकों औऱ विभिन्न शिक्षिक संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। मामला बढ़ने पर विभाग ने विवादित आदेश को वापस ले लिया। 

बीएसए डॉ. विनीता ने इस पूरे मामले में सफाई देते हुए कहा कि भूसा इकट्ठा करना कोई बाध्यता वाला काम नहीं थी, बल्कि जनसेवा औऱ स्वेट्छा से किया जाने वाला कार्य था। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को भूसा जमा करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। 

बीईओ पर गिरी कार्रवाई की गाज

मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता ने नवाजगंज के बीईओ सत्यदेव को लापरवाही और त्रुटिपूर्ण आदेश जारी करने का दोषी माना। इसके बाद उन्हे जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया गया। साध ही उनके खिलाफ कारण बताओं नोटिस भी जारी किया गया है। 

शिक्षकों को 46 किलो भूसा जमा करने का निर्देश

नवाबगंज ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से प्राथमिक, उच्च प्राथमिक औऱ कंपोजिट स्कूलों के प्रिंसिपलों को निराश्रित गोवंश के लिए भूसा दान करने का निर्देश दिया गया था। आदेश में प्रत्येक स्कूलों को 46 किलोग्राम भूसा जमा कराने की लक्ष्य तय किया  गया था। आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। इसी आदेश के आने बाद विवाग गहराता चला गया। 

शिक्षक संगठनों ने जताई नाराजगी

यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षकों का मूल कार्य बच्चों को शिक्षा देना है, न कि भूसा एकत्र करना। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के अव्यवहारिक आदेश जारी किए जाते रहे तो संगठन आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। यूटा के मीडिया प्रभारी सतेंद्र पाल सिंह औऱ जिला उपाध्यक्ष रमेश मौर्या ने भी आदेश को शिक्षकों की गरिमा के खिलाफ बताया औऱ इसे तुरंत वापस लेने की मांग की थी

गैर-शैक्षणिक कार्यों के बोझ पर उठे सवाल

जिला कोषाध्यक्ष हेमंत कुमार ने कहा कि शिक्षक पहले से ही जमगणना, BLO ड्यूटी, चुनाव औऱ अन्य प्रशासनिक जिम्मदारियां निभा रहे हैं। ऐसे में उन पर अतिरिक्त गैर-शैक्षणिक कार्यों का दबाव बनाना उचित नहीं है। शिक्षिका राखी गंगवार का कहना है कि भूसा जुटाना शिक्षकों की जिम्मेदारी नहीं। वर्तमान समय में किसान भी अपने पशुओं के लिए भूसा बचाने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं, ऐसे में शिक्षकों पर इस तरह का जबाव बनाना गलत है। 

शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

बीईओ के खिलाफ कार्रवाई के बाद भी शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। संगठनों का कहना है कि भविष्य में इस तरह के आदेश जारी न हों, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए ताकि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में अनावश्यक रूप से न लगाया जाए। बारादरी थाना क्षेत्र स्थित विकास भवन के पास बने बीएसए कार्यालय से इस पूरे मामले की निगरानी की जा रही है।