Home Uttar Pradesh मेहनत ही सफलता की कुंजी, शॉर्टकट से नहीं बनता भविष्य: सीएम योगी

मेहनत ही सफलता की कुंजी, शॉर्टकट से नहीं बनता भविष्य: सीएम योगी

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन सभागार में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में छात्र-छात्राओं का आह्वान करते हुए कहा कि सफलता का मार्ग शॉर्टकट से नहीं, बल्कि ईमानदार मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास से निकलता है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान अर्जन के साथ भारतीय संस्कृति और विरासत से जुड़ने तथा तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न बोर्डों की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल विद्यार्थियों की उपलब्धि नहीं, बल्कि माता-पिता के त्याग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और प्रदेश में स्थापित नकलमुक्त एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था का परिणाम है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश स्तर पर टॉप-10 में स्थान पाने वाले 223 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जा रहा है, जबकि जनपद स्तर पर टॉप-10 में आने वाले 1459 विद्यार्थियों को प्रदेश के सभी 75 जिलों में सम्मानित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है और इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा में किया गया परिश्रम हमेशा सकारात्मक परिणाम देता है।

मुख्यमंत्री ने छात्राओं की उपलब्धियों की विशेष सराहना करते हुए कहा कि सम्मानित होने वाले 223 विद्यार्थियों में 138 छात्राएं और 85 छात्र हैं। यह दर्शाता है कि छात्राएं लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि “बेटी पढ़ेगी तो आगे बढ़ेगी और देश व समाज को भी आगे बढ़ाएगी।”

योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों से बच्चों को कम उम्र में स्मार्टफोन और वीडियो गेम की लत से बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को चुप कराने के लिए मोबाइल थमाना उनके समग्र विकास के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अभिभावकों को बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है। हमारी शिक्षा व्यवस्था केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं रही, बल्कि जीवन को सही दिशा देने और समाज व राष्ट्र के विकास का माध्यम रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी संस्कृति, विरासत और मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में नकलमुक्त परीक्षा व्यवस्था स्थापित की गई है। आज 56 लाख छात्र-छात्राएं समय पर परीक्षा दे रहे हैं और परिणाम भी निर्धारित समय में घोषित किए जा रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल लाइब्रेरी, अटल टिंकरिंग लैब और विद्यालयों के आधुनिकीकरण जैसे अनेक प्रयास किए गए हैं।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर अनावश्यक समय व्यतीत करने से बचें और तकनीक का उपयोग पढ़ाई, शोध और ज्ञानवर्धन के लिए करें। उन्होंने कहा कि किसी प्रतियोगी परीक्षा या इंटरव्यू में फॉलोअर्स की संख्या नहीं, बल्कि ज्ञान, प्रस्तुतीकरण और व्यावहारिक समझ मायने रखती है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने, अच्छे स्वास्थ्य पर ध्यान देने और सफलता मिलने के बाद माता-पिता, शिक्षकों, समाज और राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता का भाव बनाए रखने का आह्वान किया।