लखनऊ, 03 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश सरकार यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS)-2026 के चौथे संस्करण के आयोजन की तैयारी में जुटी है, जो उत्तर प्रदेश के उत्पादों, सेवाओं, तकनीक और नवाचारों को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने का काम करेगा। पिछले तीन सफल आयोजनों के बाद यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो अब देश और विदेश के निवेशकों, खरीदारों तथा उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मंच बन चुका है। इस आयोजन से प्रदेश के उद्योगों, एमएसएमई, स्टार्टअप, निर्यातकों और ओडीओपी इकाइयों को नए बाजार और निवेश के अवसर मिलने की उम्मीद है।
यूपीआईटीएस-2026 में 2400 से अधिक प्रदर्शकों के भाग लेने का अनुमान है, जबकि दुनिया के 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा 1.50 लाख से अधिक घरेलू बी-टू-बी (बिजनेस टू बिजनेस) खरीदारों और लगभग 4.50 लाख आम नागरिकों के इस मेगा आयोजन में शामिल होने का अनुमान लगाया गया है।
₹3200 करोड़ से अधिक के एमओयू और ₹13,500 करोड़ के कारोबारी अवसरों की उम्मीद
ट्रेड शो के दौरान 4000 से अधिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जिनका संभावित मूल्य ₹3200 करोड़ से अधिक आंका गया है। वहीं, आयोजन से ₹13,500 करोड़ से अधिक के व्यापारिक लीड और कारोबारी पूछताछ उत्पन्न होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे प्रदेश के उद्यमियों, निर्यातकों और एमएसएमई क्षेत्र को बड़ा लाभ मिल सकता है।
करीब 1.10 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में आयोजित होने वाला यह ट्रेड शो योगी सरकार की औद्योगिक, निर्यात और निवेश प्रोत्साहन नीतियों को भी प्रदर्शित करेगा। आयोजन के माध्यम से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश संभावनाओं और वैश्विक व्यापारिक अवसरों को दुनिया के सामने रखा जाएगा। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 न केवल प्रदेश के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में मदद करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक गंतव्य बनाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






