UP Panchayat Election: पंचायत चुनाव को लेकर बढ़ी हलचल, हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट; ओपी राजभर ने साधा सपा पर निशाना
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग से पंचायत चुनाव कराने की संभावित समयसीमा पर जवाब मांगा है, साथ ही कोर्ट ने मौजूदा ग्राम प्रधानों को छह महीने के लिए प्रशासक नियुक्त करने के फैसले पर भी नाराजगी जताई है।
10 जुलाई तक पेश होगी पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि पिछड़ा वर्ग आयोग अपनी रिपोर्ट 10 जुलाई तक प्रस्तुत करे, इसी दिन मामले की अगली सुनवाई भी निर्धारित की गई है, आयोग की रिपोर्ट आने के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है, कोर्ट की टिप्पणी और आयोग की रिपोर्ट की समयसीमा तय होने के बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले कराए जाएंगे या नहीं।
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ओपी राजभर ने सपा पर साधा निशाना
इस बीच योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि हर अच्छे कार्य में बाधा डालना समाजवादी पार्टी की पुरानी आदत बन चुकी है, राजभर का आरोप है कि पंचायत व्यवस्था को कानूनी विवादों में उलझाकर गांवों के विकास कार्यों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के फैसले का बचाव
ओपी राजभर ने कहा कि सरकार ने ग्राम पंचायतों के कामकाज को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए मौजूदा ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय लिया है, उनका कहना है कि प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी फिलहाल विभिन्न परीक्षाओं, जनगणना और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में व्यस्त है, ऐसे में पंचायत चुनाव तुरंत कराना संभव नहीं है, उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांवों में विकास कार्यों और जनसेवाओं को बाधित होने से बचाना है।
पंचायत चुनाव को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक बयानबाजी ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है, अब सभी की नजरें 10 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई और पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पंचायत चुनाव की दिशा तय हो सकती है।






